RPP Infra Projects ने FY2026 रिपोर्ट में बताई गड़बड़ियां
RPP Infra Projects Ltd ने अपनी वित्तीय वर्ष 2026 की वार्षिक सीक्रेटेरियल अनुपालन रिपोर्ट में ₹29,500 का भारी जुर्माना और इनसाइडर ट्रेडिंग के उल्लंघन के कारण ₹4,28,560 वापस करने की बात कही है। इसके अलावा, बोर्ड की संरचना में भी एक बड़ी चूक सामने आई है।
क्या हुआ?
कंपनी पर BSE Ltd ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही के लिए कंसॉलिडेटेड रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) डिस्क्लोजर जमा करने में देरी के लिए ₹29,500 का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, एक डेजिग्नेटेड पर्सन, श्री पी. सेल्वासुंदरम (Mr. P Selvasundaram), ने छह महीने की अवधि के भीतर 'कॉन्ट्रा ट्रेड' करके इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन किया। कंपनी को इन ट्रेडों से हुआ ₹4,28,560 का मुनाफा इन्वेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड (IPEF) में जमा करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, 18 नवंबर, 2025 से 14 जनवरी, 2026 तक, यानी लगभग दो महीने के लिए, RPP Infra के बोर्ड में कोई इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं था। इस अवधि में कंपनी SEBI (LODR) रेगुलेशन्स, 2015 के अनुसार ठीक से गठित नहीं थी। साथ ही, छमाही नतीजों के अखबारों में दिए गए विज्ञापनों में एक QR कोड भी गायब था।
निवेशकों के लिए क्यों मायने रखता है?
ये चूक कंपनी के आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे में संभावित कमजोरियों को उजागर करती हैं। हालांकि इनसाइडर ट्रेडिंग के मुनाफे को तुरंत वापस करना और RPT देरी को प्रशासनिक गलती बताना कंपनी की ओर से कुछ हद तक प्रतिक्रिया दिखाता है, लेकिन इन उल्लंघनों की आवृत्ति निवेशकों द्वारा अधिक बारीकी से जांच की मांग करती है। बोर्ड संरचना का मुद्दा, भले ही अस्थायी हो, निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या?
निवेशक RPP Infra Projects से उम्मीद करेंगे कि वे इन अनुपालन विफलताओं को रोकने के लिए मजबूत सुधारात्मक उपाय लागू करें। भविष्य की सीक्रेटेरियल अनुपालन रिपोर्ट इन उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होंगी। कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य में RPT डिस्क्लोजर में देरी से बचने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
जोखिम
मुख्य जोखिम यह है कि यदि अनुपालन संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं तो आगे नियामक कार्रवाई या दंड का सामना करना पड़ सकता है। आंतरिक नियंत्रणों में प्रणालीगत कमजोरियां अधिक गंभीर गवर्नेंस उल्लंघन का कारण बन सकती हैं। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और परिचालन दक्षता की भी निगरानी करनी चाहिए, जो अनुपालन से संबंधित व्यवधानों और लागतों से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
