REC Ltd पर बोर्ड नियमों के उल्लंघन का मामला: NSE और BSE ने ठोका **₹21.5 लाख** का जुर्माना

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
REC Ltd पर बोर्ड नियमों के उल्लंघन का मामला: NSE और BSE ने ठोका **₹21.5 लाख** का जुर्माना

सरकारी कंपनी REC Ltd को बोर्ड और कमिटी के कंपोजिशन नियमों का पालन न करने पर NSE और BSE ने कुल **₹21.54 लाख** का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने साफ किया कि डायरेक्टर नियुक्त करने का अधिकार पूरी तरह पावर मिनिस्ट्री के पास है।

जुर्माने की पूरी जानकारी

शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंज, NSE और BSE ने REC Ltd पर ₹10,77,340 का अलग-अलग जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी द्वारा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कमिटी की अनिवार्य संरचना (Composition) को बनाए रखने में विफलता के बाद की गई है।

सरकार के पाले में गेंद

REC एक सरकारी कंपनी है और कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Article 91) के अनुसार, डायरेक्टर्स की नियुक्ति का पूरा अधिकार भारत सरकार और पावर मिनिस्ट्री के पास है। कंपनी का कहना है कि उनके पास डायरेक्टर नियुक्त करने का कोई कार्यकारी अधिकार नहीं है। मैनेजमेंट लगातार मिनिस्ट्री से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति की मांग कर रहा है ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।

निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?

SEBI के LODR नियमों के तहत बोर्ड की सही संरचना निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि जुर्माना राशि कंपनी के बड़े बैलेंस शीट के मुकाबले छोटी है, लेकिन यह उन प्रशासनिक चुनौतियों को सामने लाता है जो अक्सर सरकारी कंपनियों (PSUs) के सामने आती हैं।

आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि मिनिस्ट्री कितनी जल्दी इन खाली पदों को भरती है ताकि भविष्य में ऐसी पेनल्टी से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.