Pradhin Ltd पर गिरी गाज! NCLT ने कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में भेजा, ₹23.43 करोड़ का भारी कर्ज

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Pradhin Ltd पर गिरी गाज! NCLT ने कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में भेजा, ₹23.43 करोड़ का भारी कर्ज

Pradhin Limited के लिए बुरी खबर है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) चेन्नई बेंच ने कंपनी को कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में एडमिट कर लिया है। राजेश जस्ती को इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त किया गया है। कंपनी पर कुल **₹23.43 करोड़** के क्लेम स्वीकार किए गए हैं।

Detailed Coverage

Insolvency की कगार पर Pradhin Ltd

NCLT चेन्नई ने 2 जुलाई, 2026 को Pradhin Limited को CIRP प्रक्रिया में भेजने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद, कंपनी के कामकाज की जिम्मेदारी राजेश जस्ती को सौंपी गई है, जो अब IRP के तौर पर कंपनी का संचालन करेंगे।

यह क्यों मायने रखता है?

CIRP में कंपनी का एडमिट होना यह दर्शाता है कि कंपनी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एक औपचारिक समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है। शेयरधारकों के लिए इसका मतलब है कि कंपनी का नियंत्रण अब IRP के हाथों में चला गया है, और उनके निवेश का भविष्य समाधान योजना के नतीजे पर निर्भर करेगा, जिसमें पुनर्गठन या लिक्विडेशन (कंपनी बंद होना) भी शामिल हो सकता है। इस दौरान इक्विटी का मूल्य अत्यधिक अनिश्चित हो जाता है।

पूरा मामला

NCLT के आदेश के साथ ही इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। 25 जुलाई, 2026 तक Pradhin Limited के खिलाफ कुल स्वीकार किए गए क्लेम ₹23.43 करोड़ हैं। इसमें से एक बड़ा हिस्सा, ₹23.24 करोड़, असुरक्षित वित्तीय लेनदारों (unsecured financial creditors) का है, जो कुल क्लेम का 99.18% है। इसके अलावा, सरकारी बकाए (आयकर विभाग) के ₹0.01 करोड़ और अन्य परिचालन लेनदारों (operational creditors) के ₹0.01 करोड़ के क्लेम भी शामिल हैं।

अब क्या बदलेगा?

IRP राजेश जस्ती अब कंपनी के संचालन का प्रबंधन करेंगे और समाधान प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे। उनका मुख्य फोकस कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करना, क्लेम मंगाना और लेनदारों की समिति (Committee of Creditors - CoC) का गठन करवाना होगा। यह CoC, जिसमें मुख्य रूप से दो बड़े असुरक्षित वित्तीय लेनदार शामिल होंगे, किसी भी समाधान योजना को मंजूरी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम अपनी पूरी इक्विटी वैल्यू (शेयरों का मूल्य) खोने का है। कंपनी का CIRP में जाना एक गंभीर वित्तीय स्थिति का संकेत देता है। इसके अलावा, असुरक्षित वित्तीय लेनदारों के पास 99.18% क्लेम होने के कारण, वे समाधान प्रक्रिया और किसी भी संभावित पुनरुद्धार या लिक्विडेशन की शर्तों पर काफी नियंत्रण रखेंगे।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को IRP और NCLT से आने वाले अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, खासकर लेनदारों की समिति के गठन, समाधान योजना की प्रगति और लिक्विडेशन या कंपनी को फिर से चालू करने के किसी भी संभावित निर्णय के संबंध में। इन कार्रवाइयों के परिणाम ही Pradhin Limited के भविष्य का निर्धारण करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.