Nova Iron & Steel Ltd को डायरेक्टोरेट ऑफ एन्फोर्समेंट (ED) से एक बड़ा झटका लगा है। ED ने कंपनी की ₹7.54 करोड़ की संपत्ति को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत कुर्क कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इससे रोजमर्रा के कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और वह इस ऑर्डर को चुनौती देगी।
ED ने क्यों कुर्क की संपत्ति?
ED ने जून 2026 में जारी एक आदेश के जरिए Nova Iron & Steel Ltd की 7.54 करोड़ रुपये (₹753.83 लाख) की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इस आदेश के तहत, कंपनी अगले 180 दिनों तक इन चल और अचल संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकती।
- कुल संपत्ति कुर्क: ₹7.54 करोड़
- अचल संपत्ति: ₹1.11 करोड़ (₹111.12 लाख)
- शेयर: ₹6.43 करोड़ (₹642.71 लाख)
क्या है पूरा मामला?
ED का आरोप है कि Bhushan Power & Steel Ltd (BPSL) से डायवर्ट किए गए पैसों का इस्तेमाल Nova Iron & Steel Ltd ने किया है। इसलिए, ये संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) मानी गई हैं। यह जांच Nova Iron & Steel को BPSL और उसके पूर्व प्रमोटरों से जुड़े बड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले से जोड़ती है।
कंपनी पर क्या होगा असर?
हालांकि कंपनी का प्रबंधन कह रहा है कि उसके रोजमर्रा के कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इस अटैचमेंट ऑर्डर से कंपनी की वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी पर असर पड़ सकता है। अगले छह महीनों तक कंपनी इन अटैच की गई संपत्तियों के साथ खुलकर कोई लेनदेन नहीं कर पाएगी।
आगे क्या?
Nova Iron & Steel Ltd अब कानूनी सलाह ले रही है और अपने हितों की रक्षा के लिए इस आदेश को संबंधित अथॉरिटी के सामने चुनौती देने की तैयारी कर रही है। निवेशकों को इस मामले पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी के कानूनी नतीजों का असर शेयर पर पड़ सकता है।
