Noble Polymers ने ₹5 प्रति शेयर पर एक ओपन ऑफर (Open Offer) लॉन्च किया है, जिससे मौजूदा शेयरधारकों को कंपनी से बाहर निकलने का एक जरिया मिल गया है। यह कदम कंपनी के भारी वित्तीय घाटे और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) की दिक्कतों के बीच आया है।
क्या हुआ?
Noble Polymers लिमिटेड ने ₹5.00 प्रति शेयर के भाव पर एक ओपन ऑफर (Open Offer) की घोषणा की है। इस ऑफर में 22,76,406 इक्विटी शेयर शामिल हैं, जो कंपनी की वोटिंग कैपिटल का 26% हिस्सा हैं। ऑफर की अवधि 10 जुलाई, 2026 से 23 जुलाई, 2026 तक रहेगी। महेश अलाभाई ओडेद्रा और हिरन रामभाई ओडेद्रा, जो एक्वायरर (Acquirers) हैं, ऑफर के बाद 52% हिस्सेदारी के साथ मैनेजमेंट कंट्रोल हासिल कर लेंगे।
शेयरधारकों के लिए क्यों है ये अहम?
यह ओपन ऑफर मौजूदा शेयरधारकों को कंपनी से बाहर निकलने का एक रास्ता देता है। हालांकि, कंपनी की वित्तीय सेहत में भारी गिरावट आई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी का रेवेन्यू घटकर सिर्फ ₹0.34 करोड़ रह गया है, जो FY25 के ₹3.94 करोड़ की तुलना में 91.4% कम है। इतना ही नहीं, कंपनी FY26 में ₹1.61 करोड़ के नेट लॉस में चली गई है, जबकि FY25 में ₹3.20 करोड़ का मुनाफा था। नए मैनेजमेंट का इरादा मौजूदा ऑपरेशन्स को जारी रखने और संभवतः बिजनेस को डाइवर्सिफाई (Diversify) करने का है।
क्या है पिछला इतिहास?
Noble Polymers का नियामक अनुपालन (Regulatory Non-compliance) का एक लंबा इतिहास रहा है। कंपनी एक दशक से भी अधिक समय से SEBI (LODR) नियमों का पालन करने में विफल रही है। इन्हीं चूक के कारण, कंपनी के शेयर सितंबर 2018 से फरवरी 2026 तक ट्रेडिंग से निलंबित थे। एक्वायरर-1, महेश अलाभाई ओडेद्रा, आपराधिक कार्यवाही (Criminal Proceedings) में भी शामिल हैं।
अब क्या बदलेगा?
नए प्रमोटरों द्वारा बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के साथ, कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल बदलेगा। एक्वायरर मौजूदा व्यावसायिक गतिविधियों को बनाए रखने और नए अवसरों की तलाश करने की योजना बना रहे हैं।
जोखिम जिन पर नज़र रखें:
- कंपनी पर SEBI नियमों का पालन न करने का एक बड़ा इतिहास है।
- शेयर फरवरी 2026 तक लंबे समय तक ट्रेडिंग के लिए निलंबित थे।
- एक एक्वायरर आपराधिक मामलों में फंसा हुआ है।
- FY26 में रेवेन्यू में 91% की भारी गिरावट और नेट लॉस जैसी गंभीर वित्तीय समस्याएँ हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को ओपन ऑफर की सफलता और नए मैनेजमेंट की कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को पुनर्जीवित करने और अनुपालन मुद्दों को हल करने की रणनीति पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए।
