Nazara Technologies 10 अगस्त, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुला रही है। इस मीटिंग में कंपनी के बोर्ड में बड़े बदलावों को मंजूरी दी जाएगी। फाउंडर विकाश मित्तलसेन अब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभालेंगे।
Nazara Technologies के बोर्ड में बड़े बदलाव
Nazara Technologies लिमिटेड ने 10 अगस्त, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) की घोषणा की है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा कंपनी के बोर्ड कंपोजिशन और लीडरशिप स्ट्रक्चर में अहम बदलावों को अंतिम रूप देना है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कंपनी के फाउंडर, मिस्टर विकाश मित्तलसेन, अब चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से हटकर नॉन-एग्जीक्यूटिव रोल में 'फाउंडिंग चेयरमैन' के तौर पर काम करेंगे।
कंपनी मिस्टर मिथुन पद्म सचेती को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और मिस्टर मुरारी राजन को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने का भी प्रस्ताव रखेगी, जिस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी। मिस्टर राजन के पास इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और M&A (मर्जर और एक्विजिशन) का अनुभव है, जिससे बोर्ड की विशेषज्ञता और मजबूत होने की उम्मीद है।
क्या हुआ है?
Nazara Technologies 10 अगस्त, 2026 को EGM कर रही है। इसमें फाउंडर के 'फाउंडिंग चेयरमैन' बनने और नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति जैसे बोर्ड के महत्वपूर्ण बदलावों पर मुहर लगेगी।
यह क्यों मायने रखता है?
इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद मैनेजमेंट को प्रोफेशनल बनाना है, साथ ही फाउंडर के विजन को भी बनाए रखना है। यह शेयरहोल्डर्स के भरोसे और कंपनी की स्ट्रेटेजी के लिए एक अहम कदम है।
पुरानी कहानी
Nazara Technologies का इतिहास कंसॉलिडेटेड ग्रोथ के साथ-साथ स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में चुनौतियों का भी रहा है। कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी में सब्सिडियरी के कैश का री-इन्वेस्टमेंट शामिल है, जिसके चलते कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट और स्टैंडअलोन लॉस में अंतर देखने को मिला है।
अब क्या बदलेगा?
मिस्टर विकाश मित्तलसेन अगले पांच सालों के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव फाउंडिंग चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। बोर्ड में दो नए डायरेक्टर्स शामिल होंगे, जो M&A और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में कंपनी की क्षमता को बढ़ाएंगे।
जोखिम
FY26 में ₹934.97 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस और इसके मुख्य टेलीकॉम-आधारित बिजनेस में कॉम्पिटिशन, ये अभी भी बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं।
पीयर कम्पेरिजन
Nazara Technologies गेमिंग और डिजिटल स्पोर्ट्स मीडिया स्पेस में काम करती है, जहाँ इसे कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल प्लेयर्स से मुकाबला करना पड़ता है।
हालिया आंकड़े (समय-आधारित)
FY26 में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,828.98 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹1,623.91 करोड़ से ज़्यादा था। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी FY26 में ₹67.02 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹62.53 करोड़ से बढ़ा है। हालांकि, FY26 में स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹934.97 करोड़ रहा।
