Naturo Indiabull Ltd पर अब BSE से बाहर होने (Compulsory Delisting) का खतरा मंडरा रहा है। कंपनी लगातार नियमों का पालन करने में विफल रही है, जिसके चलते एक्सचेंज ने सख्ती दिखाते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिहाज से Naturo Indiabull Ltd के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के शेयर 20 फरवरी, 2026 से लगातार सस्पेंशन झेल रहे हैं। इसी कड़ी में BSE ने अब कंपनी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा है, जिसमें अनिवार्य डिलिस्टिंग (Compulsory Delisting) की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। कंपनी के ऊपर ₹27.06 लाख का भारी जुर्माना और GST बकाया है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
अगर कंपनी डिलिस्ट होती है, तो आम निवेशकों के लिए लिक्विडिटी खत्म हो जाएगी, यानी वे अपने शेयर आसानी से नहीं बेच पाएंगे। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में प्रमोटर्स को एक स्वतंत्र एक्सपर्ट द्वारा तय की गई कीमत पर पब्लिक शेयरधारकों से शेयर खरीदने होंगे। साथ ही, कंपनी के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स पर 10 साल तक मार्केट में बैन लगने और अन्य लिस्टेड कंपनियों में पद संभालने पर रोक लगने का खतरा भी है।
नियमों की अनदेखी बनी मुसीबत
BSE की कार्रवाई का मुख्य कारण SEBI (LODR) रेगुलेशंस का बार-बार उल्लंघन है। कंपनी मार्च, जून और सितंबर 2025 की तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स फाइल करने में पूरी तरह नाकाम रही है। अब कंपनी के बोर्ड के पास अपनी सफाई पेश करने और बकाये जुर्माना भरने के लिए सिर्फ 15 वर्किंग डेज का समय है। आने वाले ये 15 दिन कंपनी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद निर्णायक होंगे।
