NLC India पर BSE और NSE ने SEBI के गवर्नेंस नियमों का पालन न करने के कारण **₹28.6 लाख** का भारी जुर्माना लगाया है। कंपनी ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि डायरेक्टर की नियुक्ति का अधिकार सरकार के पास है, इसलिए उन्होंने जुर्माने माफी की अपील की है।
जुर्माना क्यों और कितना?
शेयर बाजार के दिग्गजों BSE और NSE ने NLC India Limited पर ₹14,31,340 का अलग-अलग जुर्माना लगाया है। GST मिलाकर यह कुल राशि ₹28,62,680 तक पहुंच गई है। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को एक्सचेंज द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद हुई है, जिसमें SEBI (LODR) के नियमों के उल्लंघन का जिक्र था।
किन नियमों में हुई चूक?
कंपनी पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, ऑडिट कमेटी और रिस्क मैनेजमेंट कमेटी जैसे अहम पदों पर उचित संरचना न बनाए रखने का आरोप है। इसके अलावा, कंपनी महिला डायरेक्टर की नियुक्ति करने में भी विफल रही, जो कि लिस्टेड कंपनियों के लिए अनिवार्य है।
कंपनी का बचाव और दलील
NLC India एक सरकारी उपक्रम है। मैनेजमेंट का तर्क है कि स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की नियुक्ति पूरी तरह से भारत सरकार और कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) के दायरे में आती है। कंपनी का कहना है कि वे लगातार मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि जल्द से जल्द नियुक्तियां हो सकें।
निवेशकों के लिए क्या है अपडेट?
फिलहाल कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन जुर्माने का उनके बिजनेस ऑपरेशंस या चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या एक्सचेंज उनकी माफी की अपील को स्वीकार करते हैं और सरकार कितनी जल्दी बोर्ड की नियुक्तियां पूरी करती है।
