नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने GB Global लिमिटेड के उसकी सब्सिडियरी Dev Land and Housing के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से उन शेयरधारकों को राहत मिलेगी जो जून 2021 से अपने शेयर ट्रेड नहीं कर पा रहे थे। उन्हें प्रति शेयर **₹120** नकद और एक प्रेफरेंस शेयर मिलेगा।
GB Global का विलय मंजूर, शेयरधारकों को निकास का रास्ता मिला
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच ने GB Global लिमिटेड के उसकी सब्सिडियरी Dev Land and Housing Private Limited में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। यह आदेश 12 अगस्त, 2026 को जारी किया गया।
क्यों यह खबर अहम है?
यह मंजूरी GB Global लिमिटेड के लिस्टिंग स्टेटस और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के अनुपालन के मामले में एक बड़ा समाधान पेश करती है। यह उन पब्लिक शेयरधारकों के लिए निकास का एक निश्चित तरीका प्रदान करती है, जिनके शेयर जून 2021 से स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड नहीं हो पा रहे थे।
क्या था मामला?
GB Global लिमिटेड न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रही थी, जिसके कारण जून 2021 से इसके शेयर ट्रेडिंग से निलंबित थे। इस वजह से कई पब्लिक शेयरधारकों के निवेश फंसे हुए थे।
अब आगे क्या होगा?
इस स्वीकृत योजना के तहत, GB Global लिमिटेड अपनी सब्सिडियरी में विलय हो जाएगी। GB Global के पब्लिक शेयरधारकों को निकास के बदले ₹120 प्रति इक्विटी शेयर नकद और प्रत्येक इक्विटी शेयर के बदले ₹10 फेस वैल्यू वाला एक रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (RPS) मिलेगा। इस RPS पर 0.01% का मामूली डिविडेंड मिलेगा और यह 10 साल की अवधि का होगा।
NCLT ने यह भी निर्देश दिया है कि यह निकास प्रस्ताव SEBI (Delisting of Equity Shares) Regulations, 2021 में बताई गई प्रक्रियाओं के अनुसार होना चाहिए, जिसमें रिवर्स बुक बिल्डिंग मैकेनिज्म का उपयोग भी शामिल हो सकता है।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
हालांकि NCLT का आदेश एक समाधान प्रस्तुत करता है, लेकिन वास्तविक कार्यान्वयन की समय-सीमा और SEBI के डीलिस्टिंग नियमों का अनुपालन महत्वपूर्ण होगा। शेयरधारकों को सटीक प्रक्रिया और भुगतान की तारीखों के लिए कंपनी की घोषणाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को डीलिस्टिंग प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत, नकद और RPS के भुगतान के विवरण, और विलय व अंतिम डीलिस्टिंग से संबंधित किसी भी अन्य नियामक फाइलिंग के लिए कंपनी के संचार पर नजर रखनी चाहिए।
