Mishtann Foods पर गंभीर संकट! ऑडिटर ने जताई कंपनी के बंद होने की आशंका, SEBI जांच और ₹207 Cr GST डिमांड का भारी बोझ

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Mishtann Foods पर गंभीर संकट! ऑडिटर ने जताई कंपनी के बंद होने की आशंका, SEBI जांच और ₹207 Cr GST डिमांड का भारी बोझ

Mishtann Foods के ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर ने कहा है कि कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (लगातार चलते रहने) पर संदेह है। यह सब SEBI की जांच और ₹206.84 करोड़ की GST डिमांड के बाद हुआ है।

ऑडिटर की कड़ी चेतावनी

Mishtann Foods के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर अपनी राय देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात पर मटेरियल अनिश्चितता (material uncertainty) नजर आ रही है कि क्या कंपनी आगे भी अपना कारोबार जारी रख पाएगी। यह चिंता कंपनी पर चल रही रेगुलेटरी कार्रवाई, भारी मात्रा में बकाया देनदारियों (trade receivables) और टैक्स से जुड़े कानूनी मामलों की वजह से है।

SEBI की जांच और पैसों के गलत इस्तेमाल का आरोप

ऑडिटर ने SEBI के एक अंतरिम आदेश (interim order) और शो-कॉज नोटिस का भी जिक्र किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि फाइनेंशियल ईयर 2017-18 से 2023-24 के बीच हुए बिक्री और खरीद के बड़े सौदे फर्जी थे। इसके अलावा, कंपनी पर राइट्स इश्यू (rights issue) से जुटाए गए ₹49.90 करोड़ के फंड के गलत इस्तेमाल का भी आरोप है। यह भी सामने आया है कि कंपनी अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में जरूरी ऑडिट ट्रेल (audit trail) फीचर्स को लागू करने में नाकाम रही है।

निवेशकों के लिए खतरे की घंटी

ऑडिटर की यह राय और 'गोइंग कंसर्न' पर संदेह निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यह साफ इशारा करता है कि कंपनी की माली हालत और उसके संचालन की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। SEBI द्वारा फर्जी सौदों और फंड के गलत इस्तेमाल की जांच से कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है और उसकी साख को भी नुकसान पहुंच सकता है।

₹207 करोड़ की GST देनदारी का बोझ

इसके अलावा, कंपनी पर टैक्स का भारी बोझ भी है। जुलाई 2017 से जुलाई 2022 तक की अवधि के लिए ₹206.84 करोड़ की GST डिमांड (पेनाल्टी सहित) का मामला सामने आया है। हालांकि, कंपनी ने विरोध दर्ज कराते हुए ₹2.00 करोड़ जमा कर दिए हैं। वहीं, ₹117.44 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड का मामला भी अपील में चल रहा है।

आगे क्या?

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Mishtann Foods इन गंभीर आरोपों का सामना कैसे करती है। SEBI की जांच के नतीजों का पालन करना, टैक्स की देनदारियों का भुगतान करना और ऑडिटर द्वारा उठाए गए 'गोइंग कंसर्न' के मुद्दे को सुलझाना कंपनी के भविष्य के लिए अहम होगा। कंपनी के पास ₹593.71 करोड़ का ट्रेड रिसीवेबल्स बकाया है, जिस पर क्रेडिट लॉस का कोई प्रोविजन नहीं है, यह भी एक बड़ा फाइनेंशियल रिस्क है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.