Mediaone Global Entertainment Ltd के लेटेस्ट सेक्रेटेरियल ऑडिट में गंभीर खामियां सामने आई हैं। कंपनी के पास न तो फंक्शनल वेबसाइट है और न ही समय पर फाइलिंग हुई है। वहीं, 27 फरवरी, 2026 को जारी SEBI के आदेश ने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
SEBI की रडार पर कंपनी
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए आए एनुअल सेक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट ने कंपनी के भीतर जारी अफरा-तफरी की पोल खोल दी है। ऑडिटर एन. श्रीविद्या ने SEBI की लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कंपनी ने न केवल समय पर अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स सबमिट नहीं किए, बल्कि शेयरहोल्डिंग पैटर्न की जानकारी देने में भी भारी देरी की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी की वेबसाइट तक बंद पड़ी है, जो पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है।
गवर्नेंस में बड़ी चूक
निवेशकों के लिए स्थिति चिंताजनक है क्योंकि कंपनी बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन करने में भी विफल रही है। 27 फरवरी, 2026 को जारी SEBI का औपचारिक आदेश यह स्पष्ट करता है कि ये महज छोटी गलतियां नहीं हैं, बल्कि बड़े रेगुलेटरी उल्लंघन हैं। SEBI एक्ट 1992 के तहत की गई यह कार्रवाई कंपनी पर और भारी जुर्माना या कड़े एक्शन का रास्ता खोल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
अभी सबसे बड़ा रिस्क SEBI के हालिया आदेश के बाद आने वाले नतीजों का है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर कंपनी ने जल्द ही इन खामियों को दुरुस्त नहीं किया, तो उन पर ट्रेडिंग रिस्ट्रिक्शंस या प्रमोटर पेनल्टी जैसी कार्रवाई हो सकती है। ICSI सेक्रेटेरियल स्टैंडर्ड्स की अनदेखी यह बताती है कि कंपनी का इंटरनल मैनेजमेंट पूरी तरह फेल हो चुका है।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स को अब कंपनी की ओर से उस रोडमैप का इंतजार है, जिसमें वेबसाइट को दोबारा शुरू करने और गवर्नेंस को सुधारने का ठोस प्लान हो। अगर कंपनी की तरफ से वैधानिक फाइलिंग में देरी जारी रहती है, तो यह कंपनी के गहरे ऑपरेशनल संकट का संकेत हो सकता है।
