NCLT ने McNally Bharat Engineering को राहत देते हुए बैंकों को एक हफ्ते के अंदर NPA स्टेटस हटाने और NOC जारी करने का आदेश दिया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी जीत है।
McNally Bharat Engineering: NCLT के आदेश से मिली राहत!
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने McNally Bharat Engineering Company Ltd को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने 10 जून, 2026 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि संबंधित बैंक कंपनी के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) स्टेटस को आदेश की तारीख से एक हफ्ते के अंदर हटा दें। साथ ही, बैंकों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी जारी करना होगा।
क्यों है ये फैसला अहम?
यह NCLT का आदेश कंपनी की कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। NPA स्टेटस का हटना McNally Bharat Engineering के लिए एक गोइंग कंसर्न के तौर पर काम करने और उसके फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बेहद ज़रूरी है।
क्या है पूरा मामला?
यह कंपनी CP (IB) No. 891/KB/2020 के तहत इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रक्रिया से गुजर रही थी। यह नया आदेश IA (IBC) No. 294/KB/2026 से जुड़ा है, जो कंपनी के फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग और डेट स्टेटस से संबंधित है।
आगे क्या होगा?
अब सारी निगाहें बैंकों और McNally Bharat Engineering पर टिकी हैं कि वे NCLT के निर्देशों का कितनी जल्दी पालन करते हैं। अगर NPA स्टेटस तय समय सीमा (17 जून, 2026) तक हट जाता है और NOC मिल जाता है, तो रेजोल्यूशन प्लान में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो जाएगा।
जोखिम पर नज़र
अगर बैंक NPA स्टेटस हटाने या NOC जारी करने में कोई देरी या आनाकानी करते हैं, तो इससे डेट रेजोल्यूशन की प्रक्रिया में और जटिलताएं बढ़ सकती हैं। निवेशकों को इस पर कड़ी नजर रखनी होगी।
