Mauria Udyog: SAT का बड़ा झटका, 5 साल के बैन पर रोक से इनकार, अब जमा करना होगा भारी डिपॉजिट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Mauria Udyog: SAT का बड़ा झटका, 5 साल के बैन पर रोक से इनकार, अब जमा करना होगा भारी डिपॉजिट

Mauria Udyog Ltd के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। Securities Appellate Tribunal (SAT) ने कंपनी के 5 साल के मार्केट बैन पर रोक लगाने से मना कर दिया है। हालांकि, राहत के तौर पर कोर्ट ने **₹19.68 करोड़** की कुल पेनल्टी की वसूली पर शर्तिया रोक लगा दी है, लेकिन कंपनी को **4 हफ्ते** के भीतर **50%** राशि जमा करनी होगी।

क्या है ताजा घटनाक्रम?

Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Mauria Udyog Ltd की अपील पर अंतरिम आदेश जारी किया है। कंपनी ने SEBI के उस पुराने फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उस पर 5 साल का बाजार प्रतिबंध लगाया गया था। ट्रिब्यूनल ने डिबारमेंट (Debarment) पर तो कोई राहत नहीं दी, लेकिन वित्तीय देनदारियों पर बड़ी राहत देते हुए वसूली प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है।

कंपनी के सामने वित्तीय चुनौती

SAT के आदेश के मुताबिक, कंपनी को कुल ₹19.68 करोड़ की लायबिलिटी (Penalty + Disgorgement) का 50% हिस्सा यानी लगभग ₹9.84 करोड़ चार हफ्तों के भीतर SEBI के पास एक इंटरेस्ट-बियरिंग खाते में जमा करना होगा। यह एक बड़ा कदम है क्योंकि इससे कंपनी के कैश रिजर्व पर सीधा असर पड़ेगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह सारा मामला SEBI के उस आदेश से शुरू हुआ था, जो 30 जून 2026 को जारी किया गया था। इसमें रेगुलेटर ने कंपनी पर ₹18.68 करोड़ का डिस्गॉर्जमेंट और ₹1 करोड़ की पेनल्टी लगाई थी। कंपनी ने इसके खिलाफ अपील संख्या 269/2026 दाखिल की थी।

निवेशकों के लिए जोखिम

फिलहाल मुख्य चिंता 5 साल का मार्केट बैन ही है, जो कंपनी की बाजार गतिविधियों को पूरी तरह सीमित कर देता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी ₹9.84 करोड़ का भुगतान समय पर कर पाती है या नहीं। यदि भुगतान में देरी होती है, तो कंपनी के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले का अंतिम फैसला तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.