Lippi Systems में ₹56.84 प्रति शेयर पर ओपन ऑफर
Lippi Systems ने ₹56.84 प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर निकाला है। इस ऑफर के तहत कुल 33,82,231 शेयर खरीदे जाएंगे, जिनकी कुल कीमत ₹19.22 करोड़ होगी। यह ऑफर 10 जुलाई 2026 को खुलेगा और 23 जुलाई 2026 तक चलेगा।
क्या हुआ है?
नए खरीदार, जिनमें विनेश शिवजी ढोलू और जगदीश शिवजी ढोलू शामिल हैं, ने शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) और शेयर सब्सक्रिप्शन समझौते (Share Subscription Agreement) के जरिए Lippi Systems का कंट्रोल लेने पर सहमति जताई है। इसके बाद प्रमोटरों में बदलाव होगा और मौजूदा प्रमोटर पब्लिक शेयरहोल्डर बन जाएंगे। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए यह ओपन ऑफर इसी बदलाव का हिस्सा है।
क्यों है ये अहम?
यह Lippi Systems में नियंत्रण (Control) में बदलाव का संकेत है। मौजूदा शेयरधारकों को ₹56.84 के भाव पर अपने शेयर बेचने का मौका मिल रहा है, जो हाल के वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए काफी आकर्षक है। कंपनी ने FY 2026 में ₹3.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले दो वित्तीय सालों के घाटे से बिल्कुल अलग है।
पुरानी कहानी
Lippi Systems रोटो ग्रेव्योर (Roto Gravures) के निर्माण में लगी है, जो हाई-स्पीड प्रिंटिंग के लिए खास सिलेंडर होते हैं। कंपनी FY 2024 और FY 2025 में घाटे में चल रही थी, और दोनों सालों में कुल आय ₹1 करोड़ से भी कम थी। हालांकि, FY 2026 में कंपनी ने शानदार वापसी की, कुल आय बढ़कर ₹7.99 करोड़ हो गई और ₹3.77 करोड़ का PAT दर्ज किया।
अब क्या बदलेगा?
जो एक्वायरर (Acquirers) फिलहाल माइनिंग बिजनेस में हैं, वे अब Lippi Systems के मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन की कमान संभालेंगे। इसके तहत वारंट्स (Warrants) के सब्सक्रिप्शन के जरिए कंपनी में बड़ी पूंजी निवेश करने की योजना है।
जोखिम पर रखें नजर
एक बड़ी चिंता यह है कि नए खरीदारों को Lippi Systems के रोटो ग्रेव्योर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का कोई अनुभव नहीं है। इसके अलावा, इस अधिग्रहण से पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% की न्यूनतम सीमा से नीचे जा सकती है, जिसके लिए भविष्य में अनुपालन (Compliance) की आवश्यकता होगी। यह ऑफर कुछ शर्तों के अधीन भी है और इनकम टैक्स विभाग से TDS डिमांड के रूप में ₹6.74 लाख की आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) भी है।
भविष्य की राह
निवेशकों को ओपन ऑफर की प्रगति और नए मैनेजमेंट द्वारा रोटो ग्रेव्योर बिजनेस के संबंध में लिए जाने वाले रणनीतिक फैसलों पर नजर रखनी चाहिए। न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों का अनुपालन भी अहम होगा।
