Kitex Garments अपने शेयरधारकों (Shareholders) और असुरक्षित लेनदारों (Unsecured Creditors) के लिए 24 जुलाई, 2026 को एक अहम बैठक आयोजित कर रही है। इस बैठक का मकसद Kitex Childrenswear के डी-मर्जर (Demerger) यानी अलग कंपनी बनाने की स्कीम को मंजूरी दिलाना है। निवेशक ऑनलाइन वोटिंग (E-voting) के जरिए भी हिस्सा ले सकते हैं।
Kitex Garments ने डी-मर्जर के लिए बुलाई अहम बैठकें
Kitex Garments Limited ने ऐलान किया है कि वे 24 जुलाई, 2026 को अपने इक्विटी शेयरधारकों (Equity Shareholders) और असुरक्षित लेनदारों (Unsecured Creditors) के लिए खास मीटिंग्स रखेंगे। इन मीटिंग्स का मुख्य एजेंडा एक जरूरी स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) को मंजूरी देना है, जिसके तहत Kitex Childrenswear Limited को Kitex Garments Limited से डी-मर्ज किया जाएगा, यानी एक अलग कंपनी के तौर पर स्थापित किया जाएगा।
क्या हुआ है?
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मिले ऑर्डर के बाद, Kitex Garments अपनी तय डी-मर्जर प्रक्रिया पर आगे बढ़ रही है। कंपनी 24 जुलाई, 2026 को अपने शेयरधारकों और असुरक्षित लेनदारों के साथ अलग-अलग मीटिंग करके डी-मर्जर स्कीम के लिए उनकी औपचारिक मंजूरी लेने की कोशिश करेगी।
यह क्यों मायने रखता है?
डी-मर्जर के लिए यह एक बहुत ही अहम कदम है। इसका मकसद बच्चों के कपड़ों के बिजनेस (Childrenswear Business) के लिए एक अलग कंपनी बनाना है। स्कीम को लागू करने के लिए शेयरधारकों और लेनदारों की मंजूरी जरूरी है, जिसका कंपनी के भविष्य के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर पर बड़ा असर पड़ेगा।
क्या है बैकस्टोरी?
कंपनी ने पहले ही बच्चों के कपड़ों के बिजनेस को अलग करने की अपनी मंशा जाहिर की थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोच्चि बेंच ने 22 जनवरी, 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिससे कंपनी को इन अप्रूवल मीटिंग्स के लिए आगे बढ़ने की अनुमति मिली।
अब क्या बदलेगा?
अगर यह डी-मर्जर मंजूर हो जाता है, तो Kitex Childrenswear Limited एक स्वतंत्र कंपनी के तौर पर काम करेगी। इससे बच्चों के कपड़ों के बिजनेस और Kitex Garments के बाकी ऑपरेशंस, दोनों को ज्यादा फोकस के साथ मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन मिल सकेगा।
वोटिंग और भागीदारी
शेयरधारक और लेनदार व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों (OAVM) के जरिए दूर से भी भाग ले सकते हैं। रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 20 जुलाई, 2026 की सुबह 9:00 बजे से 23 जुलाई, 2026 की शाम 5:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इक्विटी शेयरधारकों के लिए कट-ऑफ डेट 17 जुलाई, 2026 है, जबकि असुरक्षित लेनदारों के लिए यह 31 मार्च, 2026 है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
मीटिंग्स के दौरान शेयरधारकों या लेनदारों की ओर से किसी भी तरह के बड़े विरोध या असहमति से डी-मर्जर प्रक्रिया में देरी हो सकती है या वह अटक सकती है। डी-मर्जर का अंतिम रूप से प्रभावी होना इन मीटिंग्स के अलावा अन्य रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी निर्भर करेगा।
अहम तारीखें:
- शेयरहोल्डर मीटिंग: 24 जुलाई, 2026, सुबह 11:00 बजे IST
- असुरक्षित लेनदार मीटिंग: 24 जुलाई, 2026, दोपहर 02:30 बजे IST
- रिमोट ई-वोटिंग: 20 जुलाई, 2026, सुबह 9:00 बजे से 23 जुलाई, 2026, शाम 5:00 बजे तक
- शेयरहोल्डर कट-ऑफ डेट: 17 जुलाई, 2026
- लेनदार कट-ऑफ डेट: 31 मार्च, 2026
