Jayaswal Neco Industries ने BSE को **₹75.59 लाख** का भारी जुर्माना भरा है। यह मामला जून 2015 में शेयरहोल्डिंग पैटर्न जमा करने में हुई देरी से जुड़ा है, जिसे कंपनी ने 'अंडर प्रोटेस्ट' यानी विरोध दर्ज कराते हुए भरा है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने ₹75,59,384 (GST सहित) का भुगतान 4 सितंबर, 2026 को किया है। यह जुर्माना जून 2015 की तिमाही के लिए शेयरहोल्डिंग पैटर्न फाइल करने में हुई 20 दिनों की देरी के कारण लगाया गया था।
कंपनी का रुख
हालांकि कंपनी ने राशि का भुगतान कर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह भुगतान 'अंडर प्रोटेस्ट' (Under Protest) है। इसका मतलब है कि कंपनी इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है और भविष्य में इस नियामक कार्रवाई को चुनौती देने के अपने अधिकार सुरक्षित रखे हुए है।
निवेशकों के लिए टेकअवे
यह विवाद करीब एक दशक पुराना है। मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि इस भुगतान से कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वित्तीय प्रभाव केवल इसी पेनाल्टी राशि तक सीमित है। हालांकि, निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी भविष्य में इस कानूनी पचड़े को आगे बढ़ाती है या नहीं।
