Jagran Prakashan EGM: डायरेक्टर्स हटाए गए, पर कानूनी पेंच फंसा
Jagran Prakashan के शेयरधारकों ने 89% से अधिक वोटों से 8 डायरेक्टर्स को हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकांश प्रस्तावों के लिए 16,97,35,132 वोटों की पोलिंग देखी गई।
शेयरधारकों की मंजूरी के बाद भी डायरेक्टर्स का हटना कानूनी रोक के चलते अटका; प्रमोटर विवाद जारी।
क्या हुआ?
Jagran Prakashan Ltd ने 29 मई 2026 को एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) का आयोजन किया था। इसमें शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड से आठ डायरेक्टर्स को हटाने के लिए वोट किया। वोटिंग नतीजों में इस प्रस्ताव के पक्ष में 89.39% से 89.84% तक मजबूत समर्थन मिला।
क्यों मायने रखता है ये?
शेयरधारकों की स्पष्ट मंशा के बावजूद, इन डायरेक्टर्स को हटाने की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने 26 मई 2026 को एक आदेश जारी किया है, जो EGM के नतीजों पर कार्रवाई करने से कंपनी को रोकता है। इससे कंपनी के लिए गवर्नेंस को लेकर एक बड़ी अनिश्चितता पैदा हो गई है।
पृष्ठभूमि क्या है?
इस पूरे मामले की जड़ गुप्ता परिवार के प्रमोटर गुटों के बीच चल रहा विवाद है। यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद के समक्ष कंपनी याचिका संख्या 64/2023 के तहत विचाराधीन है। Jagran Prakashan में 67.97% हिस्सेदारी रखने वाली होल्डिंग कंपनी JMNIPL की वोटिंग अथॉरिटी इस मुकदमे का केंद्र बिंदु है।
अब क्या बदलेगा?
फिलहाल, बोर्ड संरचना के संबंध में जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदलेगा। NCLAT के आदेश के अनुसार, EGM के प्रस्ताव 'अबरेंस' (abeyance) में हैं। NCLT से आगे के निर्देश मिलने तक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अपने मौजूदा सदस्यों के साथ काम करता रहेगा।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
- सात इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और एक होल-टाइम डायरेक्टर को हटाने का प्रयास बोर्ड की निगरानी के लिए जोखिम पैदा करता है।
- चल रहा प्रमोटर विवाद, स्ट्रेटेजिक निर्णय लेने और बोर्ड पर नियंत्रण को लेकर अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
- बोर्ड की अंतिम संरचना और EGM प्रस्तावों की वैधता लंबित मामले में NCLT के फैसले पर निर्भर करेगी।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को कंपनी याचिका संख्या 64/2023 के संबंध में NCLT से आने वाले अपडेट्स पर करीब से नजर रखनी चाहिए। NCLT या NCLAT से कोई भी नया निर्देश Jagran Prakashan के भविष्य के नेतृत्व और गवर्नेंस संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
