Indian Toners & Developers लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों के लिए 17 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय कर दिया है। कंपनी 1:5 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है, जिसका मतलब है कि हर मौजूदा शेयर के बदले शेयरधारकों को 5 नए शेयर मिलेंगे।
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान
कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, 17 जुलाई 2026 को स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट फाइनल कर दी है। शेयरधारकों ने 12 जून 2026 को पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग के जरिए इस 1:5 के स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी थी।
क्यों हो रहा है ये फैसला?
इस कदम का मुख्य मकसद बाजार में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) यानी तरलता को बढ़ाना है। जब शेयर की कीमत कम होती है, तो यह छोटे निवेशकों के लिए ज्यादा सुलभ हो जाता है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) बढ़ने की उम्मीद रहती है।
क्या होगा बदलाव?
17 जुलाई 2026 से, जिन शेयरधारकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उनके शेयरों का फेस वैल्यू (Face Value) बदला जाएगा। हर ₹10 फेस वैल्यू वाला एक शेयर, ₹2 फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बदल जाएगा। ध्यान रहे कि इस स्प्लिट से कंपनी की कुल मार्केट कैप (Market Cap) या शेयरधारक की हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं आएगा, सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
हालांकि स्टॉक स्प्लिट्स कंपनी के फंडामेंटल वैल्यू (Fundamental Value) को नहीं बदलते, लेकिन यह जरूरी है कि निवेशक इस बात पर नजर रखें कि स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत घटेगी, भले ही कुल वैल्यू वही रहे। शेयर बाजार की चाल और निवेशकों की रुचि पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
