ICSA India Ltd ने कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को कवर करते हुए, पिछले सात वर्षों के लिए नए स्टैच्यूटरी और सीक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किए हैं। कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस हैदराबाद भी शिफ्ट कर लिया है। इस कदम का मकसद वित्तीय रिकॉर्ड को नियमित करना और अनुपालन सुनिश्चित करना है।
ICSA India Ltd ने अपने वित्तीय रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और कंपनी के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने M/s. Bhargavi Priya and Associates को अपना स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है, जबकि T Durga Pallavi को सीक्रेटेरियल ऑडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सबसे अहम बात यह है कि इन ऑडिटर की नियुक्ति 7 साल के लिए की गई है, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 से लेकर 2025-26 तक के लिए मान्य होगी। खास बात यह है कि इस लंबी अवधि में कंपनी की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का समय भी शामिल है।
हैदराबाद हुआ नया पता
इन बड़े फैसलों के साथ ही, ICSA India Ltd ने अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को भी हैदराबाद शिफ्ट कर लिया है। कंपनी के डायरेक्टर्स Mr. N V Rao और Mr. Mallour Rajesh Kumar को NCLT, स्टॉक एक्सचेंजों और डिपॉजिटरी के साथ जरूरी रेग्युलेटरी फाइलिंग करने के लिए अधिकृत किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
ऑडिटर की यह नियुक्ति, खासकर CIRP अवधि को कवर करने वाली, कंपनी के वित्तीय खातों को नियमित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह पता चलता है कि कंपनी मुश्किल दौर के वित्तीय खातों को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑफिस का बदलना और डायरेक्टर्स को अधिकार देना, कंपनी के सुचारू संचालन और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम हैं।
