Hitech Corporation Limited अपने इक्विटी शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से वॉलंटरी (स्वैच्छिक) डिलिस्ट करने का प्रस्ताव लेकर आई है। कंपनी शेयरधारकों से पोस्टल बैलट के जरिए इसकी मंजूरी मांगेगी, जिसमें डिलिस्टिंग का संकेतित मूल्य **₹353** प्रति शेयर रखा गया है।
Hitech Corporation की स्टॉक एक्सचेंजों से डिलिस्टिंग की योजना
शेयरधारकों के लिए ₹353 प्रति शेयर डिलिस्टिंग का संकेतित मूल्य है, जबकि फ्लोर प्राइस ₹252 प्रति शेयर तय किया गया है।
निवेशकों के लिए खास: कंपनी का लक्ष्य कम फ्री फ्लोट के कारण लगने वाली लागत में कटौती करना है, लेकिन डिलिस्टिंग के लिए शेयरधारकों के 2:1 वोट का समर्थन जरूरी होगा।
क्या हुआ है?
Hitech Corporation Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से अपने इक्विटी शेयरों की स्वैच्छिक डिलिस्टिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब कंपनी अपने शेयरधारकों से पोस्टल बैलट के माध्यम से इस पर अंतिम मुहर लगवाएगी।
कंपनी की प्रमोटर और एक्वायरर, Geetanjali Trading and Investments Private Limited, जिसके पास कंपनी की 74.43% हिस्सेदारी है, ने प्रति शेयर ₹353 का संकेतित डिलिस्टिंग मूल्य तय किया है। यह मूल्य SEBI (Delisting of Equity Shares) Regulations, 2021 के तहत अनिवार्य फ्लोर प्राइस ₹252 प्रति शेयर से अधिक है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
कंपनी का मानना है कि उसकी छोटी मार्केट कैप और लो फ्री फ्लोट के कारण लिक्विडिटी (तरलता) या पब्लिक पार्टिसिपेशन में खास फायदा नहीं मिल रहा है। डिलिस्टिंग से लिस्टेड कंपनी होने के लगातार अनुपालन (compliance) की लागत और प्रशासनिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
इस प्रक्रिया के लिए स्पेशल रेजोल्यूशन (विशेष प्रस्ताव) के जरिए मंजूरी आवश्यक है, जिसमें पब्लिक शेयरधारकों के पक्ष में डाले गए वोटों की संख्या, विपक्ष में डाले गए वोटों की संख्या से कम से कम दोगुनी होनी चाहिए। इसके अलावा, रेगुलेटरी और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी के साथ-साथ सफल रिवर्स बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
पिछला घटनाक्रम
Hitech Corporation पहले से ही स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड है। डिलिस्ट करने का यह फैसला एक छोटी मार्केट कैप और लो फ्री फ्लोट वाली पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी होने के कथित नुकसानों से उपजा है, जो लिक्विडिटी को प्रभावित करता है।
अब क्या बदलेगा?
अगर शेयरधारकों और नियामकों से मंजूरी मिल जाती है, तो Hitech Corporation के शेयर BSE और NSE पर ट्रेड होना बंद हो जाएंगे। पब्लिक शेयरधारकों को रिवर्स बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित मूल्य पर अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिलेगा।
जोखिम:
सबसे बड़ा जोखिम आवश्यक शेयरधारक अनुमोदन, विशेष रूप से पब्लिक शेयरधारकों के बीच 2:1 बहुमत हासिल करने में विफलता है। रेगुलेटरी बाधाएं और रिवर्स बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के नतीजे भी संभावित चुनौतियां पेश करते हैं। अगर डिलिस्टिंग विफल रहती है, तो कंपनी मौजूदा चुनौतियों के साथ लिस्टेड बनी रहेगी।
प्रासंगिक मेट्रिक्स:
- प्रमोटर/एक्वायरर ग्रुप होल्डिंग: 74.43%
- पब्लिक शेयरहोल्डिंग: 25.57%
- संकेतित मूल्य: ₹353 प्रति शेयर
- फ्लोर प्राइस: ₹252 प्रति शेयर
- ई-वोटिंग अवधि: 11 जून 2026 से 10 जुलाई 2026
- नतीजों की घोषणा: 14 जुलाई 2026 तक
आगे क्या देखें?
निवेशकों को पोस्टल बैलट के वोटिंग नतीजों पर करीब से नजर रखनी चाहिए। डिलिस्टिंग को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी की आवश्यक पब्लिक शेयरधारक समर्थन हासिल करने की क्षमता महत्वपूर्ण है। रिवर्स बुक-बिल्डिंग तंत्र द्वारा निर्धारित अंतिम एग्जिट प्राइस, उन शेयरधारकों के लिए एक प्रमुख कारक होगा जो अपने शेयर बेचने का निर्णय लेते हैं।
