Hitech Corporation पर प्रमोटर्स की नज़र
संभावित डीलिस्टिंग भाव: ₹353 प्रति शेयर
वर्तमान प्रमोटर होल्डिंग: 74.43%
बड़ी बात
Hitech Corporation के शेयरधारकों के लिए प्रमोटर ग्रुप ₹353 प्रति शेयर पर बाहर निकलने का मौका दे रहा है। हालांकि, इस डीलिस्टिंग की सफलता शेयरधारकों के मजबूत वोट और रिवर्स बुक बिल्डिंग (RBB) प्रक्रिया से तय होने वाली अंतिम कीमत पर निर्भर करेगी।
प्रमोटर ग्रुप ने डीलिस्टिंग का ऐलान किया
Hitech Corporation Limited की प्रमोटर इकाई, Geetanjali Trading and Investments Private Limited, ने कंपनी के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों से स्वेच्छा से डीलिस्ट करने का इरादा जताया है। SEBI के डीलिस्टिंग नियमों के अनुसार, इस प्रस्ताव में रिवर्स बुक बिल्डिंग (RBB) प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें प्रति शेयर ₹353 का शुरुआती भाव संकेत के तौर पर रखा गया है।
शेयरधारकों के लिए क्यों ज़रूरी?
यह प्रस्ताव पब्लिक शेयरधारकों को ₹353 के तय भाव पर अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर प्रदान करता है। यह शुरुआती भाव कंपनी के अब तक के उच्चतम स्तर ₹351.35 से थोड़ा ऊपर है, जो प्रमोटर्स की शेयरधारकों का समर्थन हासिल करने की मंशा को दर्शाता है। सफल डीलिस्टिंग के बाद Hitech Corporation एक प्राइवेट कंपनी बन जाएगी, जिससे प्रमोटर्स के लिए अनुपालन की ज़रूरतें आसान हो जाएंगी।
प्रमोटर होल्डिंग और बाज़ार का हाल
फिलहाल प्रमोटर ग्रुप Hitech Corporation में 74.43% की हिस्सेदारी रखता है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 25 मई 2026 तक के छह महीनों में कंपनी का औसत मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹261.66 करोड़ था, जबकि औसत फ्री फ्लोट ₹64.46 करोड़ रहा। मैनेजमेंट ने डीलिस्टिंग की वजह बाज़ार में सीमित भागीदारी और शेयरों की कम लिक्विडिटी (liquidity) को बताया है।
प्रक्रिया और मंज़ूरी की राह
डीलिस्टिंग को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम मंजूरियां हासिल करनी होंगी। पब्लिक शेयरधारकों को इस प्रस्ताव पर वोट करना होगा, जिसमें पॉजिटिव वोट्स नेगेटिव वोट्स से कम से कम दोगुने होने चाहिए। इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) की सहमति भी ज़रूरी है। अंतिम कीमत RBB प्रक्रिया से तय होगी, हालांकि खरीदने वाला पक्ष खोजी गई कीमत को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार रखता है। साथ ही, शेयरधारकों द्वारा पर्याप्त संख्या में शेयर टेंडर किए जाने की भी ज़रूरत होगी।
संभावित जोखिम
- शेयरधारकों की मंज़ूरी: डीलिस्टिंग 2:1 वोटिंग थ्रेशोल्ड (voting threshold) को हासिल करने पर निर्भर करती है।
- RBB कीमत में उतार-चढ़ाव: RBB से तय होने वाली असली एग्जिट प्राइस (exit price) शुरुआती ₹353 के भाव से अलग हो सकती है।
- खरीदार का विवेक: अगर RBB की कीमत प्रमोटर्स को स्वीकार्य नहीं होती है, तो वे ऑफर वापस ले सकते हैं।
- नियामकीय मंज़ूरी: संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों से औपचारिक मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है।
मुख्य आंकड़े
- संभावित डीलिस्टिंग भाव: ₹353 प्रति शेयर
- औसत मार्केट कैप (NSE, 25 मई 2026 से 6 महीने पहले): ₹261.66 करोड़
- औसत फ्री फ्लोट (NSE, 25 मई 2026 से 6 महीने पहले): ₹64.46 करोड़
- अब तक का उच्चतम शेयर भाव: ₹351.35
- प्रमोटर शेयरहोल्डिंग: 74.43%
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों को आने वाले शेयरधारक वोट के नतीजों पर करीब से नज़र रखनी चाहिए। रिवर्स बुक बिल्डिंग चरण, जो अंतिम कीमत तय करेगा, वह भी एक महत्वपूर्ण घटना है। बोर्ड या स्टॉक एक्सचेंजों से किसी भी नई मंज़ूरी संबंधी अपडेट पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
