Highway Infrastructure Ltd: शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की ज़रूरत! डायरेक्टरों की री-अपॉइंटमेंट और डिविडेंड वेवर पर वोटिंग शुरू

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Highway Infrastructure Ltd: शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की ज़रूरत! डायरेक्टरों की री-अपॉइंटमेंट और डिविडेंड वेवर पर वोटिंग शुरू
Overview

Highway Infrastructure Ltd ने शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू की है। इसमें MD और WTD की री-अपॉइंटमेंट के साथ-साथ डिविडेंड वेवर (Dividend Waiver) की क्लॉज जोड़ने की भी बात है।

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कंपनी में क्या हो रहा है?

Highway Infrastructure Ltd ने अपने मैनेजमेंट में कुछ अहम बदलावों और निरंतरता के लिए शेयरहोल्डर्स की सहमति मांगी है। कंपनी अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में एक नया आर्टिकल 154A जोड़ने का प्रस्ताव रख रही है। इसके ज़रिये शेयरहोल्डर्स अपनी मर्जी से डिविडेंड (Dividend) लेने के अपने अधिकार को छोड़ सकेंगे। इसके अलावा, बोर्ड मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) श्री अरुण कुमार जैन और होल-टाइम डायरेक्टर (WTD) श्री अनूप अग्रवाल को अगले तीन साल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी चाहता है।

शेयरहोल्डर्स की मंजूरी क्यों ज़रूरी?

कंपनी के एडमिनिस्ट्रेशन स्ट्रक्चर में ये बदलाव और लीडरशिप टीम की पुष्टि शेयरहोल्डर की मंजूरी के बिना संभव नहीं है। डिविडेंड वेवर क्लॉज शेयरहोल्डर्स को ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देगा, वहीं डायरेक्टर्स की री-अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट में निरंतरता सुनिश्चित करेगी। MD और WTD के लिए प्रस्तावित सालाना रेमुनरेशन (Remuneration) ₹1.20 करोड़ तक सीमित रखा गया है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 25-26 के लिए यह ₹0.60 करोड़ होगा।

जानिए पूरी कहानी

प्रस्तावित MD, श्री अरुण कुमार जैन, कंपनी में 24.79% हिस्सेदारी रखते हैं। वहीं, प्रस्ताविक WTD, श्री अनूप अग्रवाल, के पास 26.77% शेयर हैं। कंपनी के नोटिस में यह भी कहा गया है कि मुनाफे की जानकारी पर्याप्त नहीं है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट का रेमुनरेशन स्ट्रक्चर मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी से जुड़ा हो सकता है।

अब क्या बदलेगा?

अगर शेयरहोल्डर्स इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो डिविडेंड वेवर की व्यवस्था कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में शामिल हो जाएगी। MD और WTD की री-अपॉइंटमेंट भी अगले तीन साल के लिए पक्की हो जाएगी। ई-वोटिंग की प्रक्रिया 14 जून 2026 से शुरू होकर 13 जुलाई 2026 तक चलेगी, और नतीजों की उम्मीद 15 जुलाई 2026 तक है।

निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

निवेशकों को मैनेजमेंट के इस खुलासे पर गौर करना चाहिए कि कंपनी का मुनाफा पर्याप्त नहीं है, जो मौजूदा वित्तीय दबावों को दर्शाता है। यह कंपनीज़ एक्ट के शेड्यूल V के तहत मैनेजमेंट रेमुनरेशन के क्राइटेरिया से भी जुड़ा है।

अहम तारीखें

MD और WTD के लिए अधिकतम प्रस्तावित रेमुनरेशन ₹1.20 करोड़ प्रति वर्ष अगले तीन साल (5 मई 2026 से) के लिए होगा। फाइनेंशियल ईयर 25-26 के लिए यह ₹0.60 करोड़ प्रति वर्ष तय किया गया है। पोस्टल बैलेट की वोटिंग 14 जून 2026 से 13 जुलाई 2026 तक चलेगी।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को 13 जुलाई 2026 को पोस्टल बैलेट के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए ताकि शेयरहोल्डर्स की राय का पता चल सके। कंपनी का भविष्य का वित्तीय प्रदर्शन और उसका रेमुनरेशन पर असर, ये सब अहम बातें होंगी जिन पर नज़र बनाए रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.