FY26 में Hexa Tradex Ltd को ₹2.95 करोड़ का नेट लॉस
Hexa Tradex Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹2.9531 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के बिल्कुल विपरीत है, जब कंपनी ने ₹1.8787 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया था।
निवेशकों के लिए खास: नेट लॉस में बड़ी गिरावट; डेलिस्टिंग की प्रक्रिया लिक्विडिटी (Liquidity) के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
क्या हुआ?
कंपनी के वित्तीय नतीजे (Financial Results) FY 2025-26 और FY 2024-25 के बीच एक बड़ा अंतर दिखाते हैं। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जो ₹0.02 करोड़ से बढ़कर ₹0.0239 करोड़ हो गई। हालांकि, मुनाफे पर सबसे बड़ा असर 'Other Comprehensive Income' (OCI) में हुए बड़े नुकसान का रहा, जिसके चलते FY26 के लिए कुल कॉम्प्रिहेंसिव लॉस (Comprehensive Loss) ₹18.7034 करोड़ रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
निवेशक कंपनी की मुनाफे में वापसी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। नेट लॉस में आना और डेलिस्टिंग के प्रस्ताव का लंबित होना, लिक्विडिटी (Liquidity) और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर चिंताएं बढ़ाता है। चल रहे रेगुलेटरी मामले (Regulatory Matters) भी अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं।
बैकस्टोरी
Hexa Tradex Ltd डेलिस्टिंग की प्रक्रिया में है, जिसमें प्रमोटरों की कुल इक्विटी शेयर होल्डिंग 92.13% है। इस प्रक्रिया को वर्तमान में SEBI और स्टॉक एक्सचेंजों की मंजूरी का इंतजार है। कंपनी में मैनेजमेंट में भी बदलाव हुए हैं, जिसमें श्री प्रवेश श्रीवास्तव को 5 फरवरी, 2026 से CEO और कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है, और श्री पूरन सिंह को CFO बनाया गया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी का तत्काल ध्यान डेलिस्टिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने और FY26 में नेट लॉस के कारणों को दूर करने पर होगा। नई प्रबंधन टीम पर परिचालन प्रदर्शन (Operational Performance) को बेहतर बनाने और रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory Compliance) सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।
जोखिम
मुख्य जोखिमों में SEBI से डेलिस्टिंग की मंजूरी का इंतजार, संभावित रेगुलेटरी कार्रवाई और मौजूदा परिचालन चुनौतियों के बीच मुनाफे की प्राप्ति शामिल है। SEBI से 18 मार्च, 2024 का शो कॉज नोटिस (Show Cause Notice), जो 2014 के एक पारिवारिक पुनर्गठन से संबंधित है, एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है।
अगली राह
निवेशकों को SEBI और स्टॉक एक्सचेंजों के साथ डेलिस्टिंग प्रस्ताव की प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। SEBI के शो कॉज नोटिस और आने वाली तिमाहियों में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर किसी भी अपडेट पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
