Hester Biosciences के शेयरहोल्डर्स ने Ravin Gandhi और Bela Gandhi को 'प्रमोटर' कैटेगरी से हटाकर 'पब्लिक' कैटेगरी में शामिल करने पर मुहर लगा दी है। इस फैसले को **99.99%** वोट्स मिले हैं, जो कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और भी पारदर्शी बनाएगा।
क्या है बड़ा बदलाव?
कंपनी ने हाल ही में एक पोस्टल बैलट प्रक्रिया पूरी की है, जिसके तहत प्रमोटर ग्रुप के दो सदस्यों, Ravin Gandhi और Bela Gandhi, का क्लासिफिकेशन बदल दिया गया है। अब ये दोनों सदस्य 'प्रमोटर' के बजाय 'पब्लिक' शेयरहोल्डर की श्रेणी में गिने जाएंगे। इस प्रस्ताव को 99.99% वैध ई-वोट्स के साथ भारी समर्थन मिला है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह कदम SEBI (LODR) रेगुलेशंस के रेगुलेशन 31A के तहत उठाया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि इन दोनों व्यक्तियों का अब मैनेजमेंट या बोर्ड में कोई दखल नहीं होगा और न ही उनके पास कोई स्पेशल अधिकार रहेंगे। यह कदम पूरी तरह से रेगुलेटरी नियमों के पालन और प्रमोटर स्ट्रक्चर को व्यवस्थित करने के लिए है, जिसका कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है शेयर होल्डिंग का गणित?
इस बदलाव के बाद, Ravin Gandhi (जिनके पास 4.74% हिस्सेदारी है) और Bela Gandhi (जिनके पास 4.71% हिस्सेदारी है) को पब्लिक कैटेगरी में रखा जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये दोनों ही किसी भी तरह के विलफुल डिफॉल्टर या इकोनॉमिक ऑफेंडर की श्रेणी में नहीं आते हैं।
वोटिंग का आंकड़ा
वोटिंग प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 को संपन्न हुई, जिसे प्रैक्टाइजिंग कंपनी सेक्रेटरी Tapan Shah ने वेरीफाई किया है। कुल 3,981,536 शेयरों के लिए 82 वोट्स प्रस्ताव के समर्थन में पड़े, जबकि विरोध में केवल 7 वोट दर्ज किए गए।
