Hemadri Cements, जो फिलहाल वॉलंटरी लिक्विडेशन (Voluntary Liquidation) में है, ने जुलाई 2026 में शेयरधारकों को अंतरिम पूंजी वितरण (Interim Capital Distribution) शुरू कर दिया है। कंपनी के शेयर नवंबर 2025 से BSE पर ट्रेड नहीं हो रहे हैं।
Hemadri Cements हुई लिक्विडेशन की राह पर
Hemadri Cements Ltd ने अपनी वॉलंटरी लिक्विडेशन प्रक्रिया के तहत जुलाई 2026 में अपने इक्विटी शेयरधारकों को अंतरिम पूंजी वितरण (Interim Capital Distribution) देना शुरू कर दिया है। कंपनी 14 जुलाई, 2025 को ही लिक्विडेशन में चली गई थी और इसके शेयर 24 नवंबर, 2025 से BSE पर ट्रेड होने के लिए सस्पेंड कर दिए गए थे।
हालिया नतीजे और स्थिति
30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए वित्तीय नतीजे लिक्विडेशन के आधार पर तैयार किए गए हैं। इस तिमाही में, Hemadri Cements ने ₹0.07 करोड़ की कुल आय पर ₹0.60 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। इसकी तुलना में, पिछली तिमाही में ₹8.29 करोड़ की आय पर ₹2.71 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था, और पिछले साल की इसी अवधि में ₹0.40 करोड़ की आय पर ₹2.87 करोड़ का नेट लॉस था।
क्या हुआ और क्यों है ये अहम
Hemadri Cements लिमिटेड, जो जुलाई 2025 से वॉलंटरी लिक्विडेशन से गुजर रही है, ने अब अपने इक्विटी शेयरधारकों को पूंजी बांटना शुरू कर दिया है। यह संपत्ति मूल्यांकन (Asset Valuation) के दिसंबर 2025 में पूरा होने और फरवरी 2026 में लेनदारों (Creditors) को आंशिक भुगतान के बाद हुआ है।
मौजूदा शेयरधारकों के लिए, यह लिक्विडेशन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूंजी वापसी की संभावना को दर्शाता है। कंपनी के शेयर पहले ही डीलिस्ट हो चुके हैं, इसलिए कोई भी वैल्यू इसी वितरण से मिलेगी।
कंपनी की पुरानी कहानी
Hemadri Cements ने स्वेच्छा से जुलाई 2025 में लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके शेयर नवंबर 2025 में BSE से निलंबित कर दिए गए थे, जो एक चलती-फिरती कंपनी के तौर पर इसके परिचालन जीवन के अंत का संकेत था।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब पूरी तरह से अपने कामकाज को समेटने, बची हुई संपत्तियों की नीलामी करने और proceeds बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसकी वित्तीय रिपोर्टिंग भी अब गोइंग कंसर्न (Going Concern) के आधार से लिक्विडेशन के आधार पर हो रही है।
जोखिम पर ध्यान दें
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह है कि सभी बची हुई संपत्तियों को लिक्विडेट करने और अंतिम खर्चों के निपटान के बाद अंततः कितनी पूंजी वापस मिलती है। अंतरिम वितरण फेस वैल्यू पर आधारित है, और अंतिम वितरण भिन्न हो सकता है।
ऑडिटर की राय
S B S B and Associates, जो वैधानिक ऑडिटर हैं, ने लिक्विडेशन आधार पर वित्तीय विवरणों पर एक बिना किसी आपत्ति के निष्कर्ष (Unmodified Conclusion) दिया है। उन्होंने मूल्यांकन और लेनदार वितरण चरणों के पूरा होने की पुष्टि की है।
मुख्य तिथियां
- वॉलंटरी लिक्विडेशन की शुरुआत: 14 जुलाई, 2025
- BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन: 24 नवंबर, 2025
- संपत्ति मूल्यांकन पूरा: दिसंबर 2025
- लेनदारों को वितरण: फरवरी 2026
- शेयरधारकों को अंतरिम वितरण: जुलाई 2026
- Q1FY27 में नेट लॉस: ₹0.60 करोड़
