Hasti Finance को क्यों लगा जुर्माना?
Hasti Finance Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी वार्षिक सेक्रेटरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (Annual Secretarial Compliance Report) पेश की है। इस रिपोर्ट में कई नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है। इनमें सबसे प्रमुख है कंपनी सेक्रेटरी (CS) सह कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति में देरी, जिसके चलते कंपनी पर ₹89,680 का जुर्माना लगाया गया है।
क्या हैं बाकी गड़बड़ियां?
सिर्फ CS की नियुक्ति में देरी ही नहीं, बल्कि कंपनी की वेबसाइट के रखरखाव (Website Maintenance) और इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) से जुड़े स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) को अपडेट रखने में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं। ये मुद्दे निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की कमजोरियों का संकेत दे सकते हैं।
कब से कब तक थी नियुक्ति खाली?
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी सेक्रेटरी सह कंप्लायंस ऑफिसर का पद 17 जुलाई, 2025 से 17 मार्च, 2026 तक खाली था। इस अवधि के लिए कंपनी पर यह जुर्माना लगाया गया है।
क्या हुए सुधारात्मक कदम?
कंपनी ने अब 18 मार्च, 2026 से एक नए कंपनी सेक्रेटरी सह कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है। मैनेजमेंट ने भविष्य में सभी नियमों का समय पर पालन करने का आश्वासन दिया है। अब कंपनी को वेबसाइट अपडेट और रिकॉर्ड-कीपिंग जैसे नियामकीय (Regulatory) नियमों का लगातार पालन सुनिश्चित करना होगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को Hasti Finance की भविष्य की फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनी SEBI के नियमों का लगातार पालन कर रही है, खासकर वेबसाइट खुलासे (Website Disclosures), समय पर फीस भुगतान और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस के रखरखाव के संबंध में। बार-बार होने वाली ऐसी चूकें आगे नियामक जांच (Regulatory Scrutiny) को न्योता दे सकती हैं।
