Gyftr Ltd का शानदार प्रदर्शन, NBFC से निकलने के बाद मुनाफे में आई बम्पर तेजी
Gyftr Limited, जो पहले LKP Finance Limited के नाम से जानी जाती थी, ने अपना बिजनेस मॉडल बदलकर NBFC से गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स के क्षेत्र में कदम रखा है। इस बड़े बदलाव का असर कंपनी के नतीजों पर साफ दिख रहा है। मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹21.81 करोड़ का जबरदस्त मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल के ₹1.82 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ₹396.36 करोड़ रहा।
क्यों है यह खबर अहम?
इस दमदार परफॉर्मेंस से यह साबित होता है कि कंपनी का नया बिजनेस मॉडल सफल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से NBFC का लाइसेंस सरेंडर करने की मंजूरी मिलने के बाद, Gyftr अब नए सिरे से काम कर रही है। कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी बड़ा उछाल देखा गया है, जो ₹0.25 से बढ़कर ₹3.16 हो गया है।
क्या हुआ पहले?
Gyftr Limited, जोकि पहले LKP Finance Limited के तौर पर NBFC का काम कर रही थी, को 20 मार्च 2026 को RBI से NBFC रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की इजाज़त मिल गई थी। इसके बाद कंपनी ने गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स बिजनेस पर अपना फोकस बढ़ाया।
आगे क्या बदलेगा?
बिजनेस मॉडल बदलने के साथ ही, कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में भी बदलाव आया है। अब यह कंपनी एक्ट, 2013 के शेड्यूल III के डिवीजन III से डिवीजन II में आ गई है।
जोखिम जिन पर नज़र रखें?
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर अपनी राय में कुछ चिंताओं को उजागर किया है।
- कंपनी दो उधारदाताओं से ₹35.97 करोड़ के बैलेंस कन्फर्मेशन प्राप्त नहीं कर सकी।
- इसके अलावा, ₹21.22 करोड़ के पुराने कर्ज से जुड़ा एक बड़ा कानूनी मामला चल रहा है। इस मामले में Kingfisher Finvest India Limited की ओर से ₹25 करोड़ की मांग की गई है। कंपनी ने इस पर आपत्ति जताते हुए ₹11.26 करोड़ का भुगतान विरोध में किया है और ₹6.14 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश भी अटैच हुए हैं।
आगे क्या देखना होगा?
इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (DRAT), चेन्नई के सामने चल रहे मुकदमेबाजी के नतीजों पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, जो उधारदाताओं के बैलेंस कन्फर्म नहीं हुए हैं, उन पर कंपनी का आगे का रुख भी महत्वपूर्ण होगा। यह देखना भी अहम होगा कि Gyftr अपने गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स बिजनेस को कितनी तेजी से बढ़ा पाती है और साथ ही पुराने कर्ज के मामलों को कैसे सुलझाती है।
