Gujarat Winding Systems की AGM में FY26 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को तो मंजूरी मिल गई है, लेकिन कंपनी पर SEBI के नियमों की अनदेखी का बड़ा आरोप लगा है। कंपनी अनिवार्य लिस्टिंग फीस भरने में नाकाम रही है, जो गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फाइनेंशियल मंजूरी और गवर्नेंस की मार
हाल ही में संपन्न हुई Gujarat Winding Systems की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को 100% बहुमत से मंजूरी दे दी है। कुल 11,84,419 वोट प्रस्ताव के समर्थन में डाले गए, जिसमें प्रमोटर ग्रुप के 4,55,400 और पब्लिक शेयरधारकों के 7,29,019 वोट शामिल थे।
SEBI के नियमों में कहां हुई गलती?
शेयरधारकों की मुहर के बावजूद, कंपनी अब विवादों के घेरे में है। स्क्रूटिनाइज़र की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कंपनी ने SEBI (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के नियम-14 के तहत अनिवार्य लिस्टिंग फीस और संबंधित चार्जेस का भुगतान नहीं किया है। यह किसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए एक अनिवार्य शर्त है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
लिस्टिंग फीस का भुगतान न करना एक गंभीर रेगुलेटरी लापरवाही है। इससे SEBI और स्टॉक एक्सचेंज की तरफ से सख्त कार्रवाई, पेनल्टी या फिर ट्रेडिंग सस्पेंशन तक की नौबत आ सकती है। कंपनी की इस गवर्नेंस विफलता के बाद अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि मैनेजमेंट इस मामले पर क्या सफाई देता है और कब तक बकाया शुल्क का भुगतान करता है।
