कोल इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री
कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd) के प्रमोटर, यानी भारत सरकार, कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का 2% तक बेचने जा रही है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से की जाएगी। इस ऑफर का बेस साइज 1% (लगभग 6.16 करोड़ शेयर) रखा गया है, लेकिन मांग ज्यादा रहने पर सरकार 1% अतिरिक्त शेयर बेचकर कुल 2% (लगभग 12.32 करोड़ शेयर) तक की हिस्सेदारी बेच सकती है।
कीमत और बिडिंग की तारीखें
इस हिस्सेदारी बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस (न्यूनतम मूल्य) ₹412 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए बिडिंग विंडो 27 मई, 2026 को खुलेगी, जबकि रिटेल और कर्मचारी निवेशकों के लिए यह 29 मई, 2026 से शुरू होगी।
बाजार पर असर
ऑफर फॉर सेल के जरिए कोल इंडिया के बाजार में बड़ी संख्या में शेयर आएंगे। इससे जहां निवेशकों को एक निश्चित कीमत पर शेयर खरीदने का मौका मिलेगा, वहीं सप्लाई बढ़ने से शॉर्ट-टर्म में स्टॉक पर दबाव भी देखने को मिल सकता है। अंतिम असर बाजार की मांग और सरकार द्वारा पूरी 2% हिस्सेदारी बेचने के फैसले पर निर्भर करेगा।
विनिवेश का अहम कदम
कोल इंडिया जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश रणनीति का हिस्सा है। इसका मकसद सरकारी खजाने को मजबूत करना और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) के शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ाना है।
निवेश के लिए मुख्य बातें
- फ्लोर प्राइस: ₹412 प्रति शेयर
- बेस ऑफर साइज: 6.16 करोड़ शेयर (1%)
- ओवरसब्सक्रिप्शन का विकल्प: 6.16 करोड़ शेयर (अतिरिक्त 1%)
- कुल संभावित ऑफर साइज: 12.32 करोड़ शेयर (2%)
- नॉन-रिटेल बिडिंग: 27 मई, 2026 से शुरू
- रिटेल और कर्मचारी बिडिंग: 29 मई, 2026 से शुरू
निवेशकों को इस OFS के दौरान सब्सक्रिप्शन लेवल्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
