GSPL Transmission Limited के बोर्ड ने Gujarat State Energy Generation Limited (GSEG) को 'प्रोमोटर' कैटेगरी से हटाकर 'पब्लिक शेयरहोल्डर' बनाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी के स्वामित्व ढांचे में आए बदलाव के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।
प्रोमोटर कैटेगरी से बाहर हुआ GSEG
GSPL Transmission Limited (GTL) की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि GSEG अब प्रोमोटर ग्रुप का हिस्सा नहीं रहेगा। यह बदलाव GSEG के खुद के ओनरशिप स्ट्रक्चर में आए बदलाव के बाद हुआ है, जहाँ उनकी 65.44% हिस्सेदारी Gujarat Energy Limited को ट्रांसफर की गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस रीक्लासिफिकेशन (Reclassification) से GSPL Transmission का शेयरहोल्डिंग पैटर्न और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। GSEG के बाहर होने से कंपनी पर प्रोमोटर ग्रुप के कड़े नियम लागू नहीं होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि GSEG के पास 1% से भी कम वोटिंग राइट्स हैं, वे कंपनी के बोर्ड में शामिल नहीं हैं और किसी भी तरह का कंट्रोल नहीं रखते हैं।
SEBI नियमों का पालन
कंपनी ने SEBI (LODR) रेगुलेशन 2015 के तहत रेगुलेशन 31A का पूरी तरह से पालन किया है। बोर्ड की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि GSEG न तो कोई 'Key Managerial Personnel' है और न ही किसी भी तरह का स्पेशल अधिकार रखती है।
आगे की प्रक्रिया
चूंकि GSEG की हिस्सेदारी 1% से कम है, इसलिए इस फैसले के लिए शेयरधारकों से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि, अभी इस बदलाव को स्टॉक एक्सचेंज और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
