G-Tech Info-Training को बड़ा झटका! ₹1.35 करोड़ का जुर्माना, गंभीर गड़बड़ियां उजागर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
G-Tech Info-Training को बड़ा झटका! ₹1.35 करोड़ का जुर्माना, गंभीर गड़बड़ियां उजागर
Overview

G-Tech Info-Training लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी वार्षिक सीक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कंपनी ने 'गंभीर गैर-अनुपालन और वित्तीय संकट' की बात स्वीकार की है। कंपनी पर **₹1.35 करोड़** से ज़्यादा का जुर्माना लगा है, जिसका भुगतान वह वित्तीय संकट के कारण नहीं कर पा रही है।

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G-Tech Info-Training का बड़ा खुलासा: ₹1.35 करोड़ का भारी जुर्माना!

G-Tech Info-Training लिमिटेड के लिए यह साल काफी मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। कंपनी की ओर से जारी की गई वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक सीक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (Annual Secretarial Compliance Report) में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि वह 'गंभीर गैर-अनुपालन (Severe Non-compliance)' और 'वित्तीय संकट (Financial Distress)' से जूझ रही है। इसके चलते कंपनी पर ₹1.35 करोड़ से ज़्यादा का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

मैनेजमेंट में बड़े पदों के खाली होने से बढ़ी चिंता

इस रिपोर्ट की सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी में प्रमुख पदों पर कोई नियुक्ति नहीं है। न तो कोई CEO है, न CFO और न ही कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary)। मैनेजमेंट के इन महत्वपूर्ण पदों का खाली होना कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कंपनी अपनी खराब वित्तीय स्थिति के कारण न तो लिस्टिंग फीस (Listing Fees) भर पा रही है और न ही इन भारी जुर्मानों का भुगतान कर पा रही है।

ऑडिटर की रिपोर्ट में भी गंभीर खामियां

मामला यहीं नहीं रुकता। कंपनी के ऑडिटर (Auditors) ने भी अपनी रिपोर्ट में कई जगहों पर 'स्कोप की सीमा (Limitation of Scope)' का उल्लेख किया है। इसका मतलब है कि ऑडिटर भी कंपनी के कई महत्वपूर्ण अनुपालन डेटा को सत्यापित (verify) करने में असमर्थ रहे हैं। यह स्थिति कंपनी की पारदर्शिता और जवाबदेही पर और भी सवाल खड़े करती है।

जुर्माने का पूरा हिसाब

कंपनी पर लगे कुल जुर्माने में ₹1.15 करोड़ SOP फाइन (SOP fines) के रूप में, ₹0.19 करोड़ एनुअल लिस्टिंग फीस (Annual Listing Fees) के तौर पर और कुछ छोटी रकम कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति न करने और कमेटी की संरचना (committee composition) से जुड़ी समस्याओं के लिए शामिल हैं। एक खास बात यह भी है कि कंपनी ने मार्च 2018 की एनुअल रिपोर्ट (Annual Report) जमा नहीं की थी, जिस पर ₹0.002 करोड़ का जुर्माना लगा है।

निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम

यह पूरी स्थिति निवेशकों (shareholders) के लिए बड़े जोखिम का संकेत है। मैनेजमेंट में प्रमुख पदों की अनुपस्थिति, लगातार बढ़ता जुर्माना और ऑडिटर की रिपोर्ट में खामियां, यह सब दर्शाते हैं कि कंपनी पर आगे और भी कड़ी नियामक कार्रवाई (regulatory action) हो सकती है। ऐसे में निवेशकों को इस स्टॉक से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, जब तक कि कंपनी अपनी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम न उठाए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.