Ebix Ltd पर संकट के बादल छा गए हैं। एक नई मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट में फंड ट्रांसफर और प्रमोटर से जुड़े गंभीर कानूनी सवालों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मॉनिटरिंग रिपोर्ट का खुलासा
CARE Ratings ने अपनी ताजा रिपोर्ट में Ebix Ltd के फंड के इस्तेमाल पर कड़े सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने प्रिफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाए गए ₹218.70 करोड़ के फंड के उपयोग में 10-25% तक का विचलन (Deviation) दिखाया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी ने अपनी सहायक कंपनियों, जैसे Ebix Travels और Ebix Technologies को जो ₹46.15 करोड़ ट्रांसफर किए हैं, उनके लिए कोई वैध इनवॉइस या दस्तावेज नहीं दिए गए हैं।
निवेशकों के लिए क्यों है यह रेड फ्लैग?
कंपनी वित्त वर्ष 2025 से लगातार ऑपरेटिंग लॉस दर्ज कर रही है। इसके साथ ही, ऑडिटर्स ने भी कंपनी के स्टेट्यूटरी बकाये और संबंधित पक्षों (Related Parties) के साथ हुए अनधिकृत लेन-देन को लेकर सवाल उठाए हैं। ये परिस्थितियां कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
प्रमोटर की मुश्किलें और कानूनी घेरा
इस मामले में सबसे बड़ा रिस्क प्रमोटर विकास गर्ग (Vikas Garg) से जुड़ा है, जो फिलहाल Enforcement Directorate (ED) की हिरासत में हैं। हालांकि, Ebix बोर्ड का कहना है कि ये कानूनी मामले कंपनी के कामकाज से अलग हैं, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स इसे लंबे समय के लिए 'ओवरहैंग' मान रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी के मैनेजमेंट और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स में बार-बार हो रहे बदलाव कंपनी के अंदरूनी अस्थिरता को दर्शाते हैं।
कंपनी का पक्ष
Ebix Ltd के बोर्ड ने इन रिपोर्टों को खारिज किया है। मैनेजमेंट का तर्क है कि फंड के इस्तेमाल में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है और प्रिफरेंशियल इश्यू से जुड़ी शॉर्टेज कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस के लिए नगण्य (Immaterial) है।
