EKI Energy Services के इंदौर दफ्तर में DGGI ने छापा मारा है। मामला साल 2021 से 2026 के बीच RCM और इंपोर्ट सप्लाई में कथित गड़बड़ी का है। कंपनी का कहना है कि अभी वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
DGGI की भोपाल जोनल यूनिट ने 8 सितंबर, 2026 को EKI Energy Services के इंदौर कॉर्पोरेट ऑफिस में तलाशी अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई करीब 8 घंटे तक चली। कंपनी की ओर से कहा गया है कि उन्होंने जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया है।
क्यों रडार पर है कंपनी?
जांच का मुख्य फोकस 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के दौरान सामान और सेवाओं की आवक (Inward supply) में विसंगतियों का पता लगाना है। विशेष रूप से इंपोर्ट और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) से जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
हालांकि कंपनी का दावा है कि अभी कामकाज पर कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' नहीं है, लेकिन टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट की जांच हमेशा गंभीर होती है। अगर आने वाले दिनों में DGGI की ओर से कोई 'शो-कॉज नोटिस' आता है, तो कंपनी पर टैक्स देनदारी या पेनल्टी का जोखिम बन सकता है। फिलहाल, निवेशक इस मामले पर अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
