Digjam Limited के शेयरहोल्डर्स ने Reid & Taylor International Private Limited के साथ स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। अब कंपनी को NCLT से अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
Digjam Ltd ने Scheme of Arrangement को दी मंजूरी
Digjam Limited के शेयरधारकों ने Reid & Taylor International Private Limited (RTIL) के साथ एक महत्वपूर्ण स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को भारी समर्थन दिया है। 16 अगस्त 2026 को हुई मीटिंग में, कुल वोट्स में से 99.94% और पब्लिक वोट्स में से 98.99% इस स्कीम के पक्ष में पड़े।
शेयरधारकों की मंजूरी का क्या मतलब?
यह शेयरधारक अप्रूवल Digjam के रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस में एक अहम पड़ाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक इस प्रस्तावित अरेंजमेंट में भरोसा रखते हैं और यह आखिरी बड़ी बाधा थी जिसे नियामक की अंतिम मंजूरी से पहले पार कर लिया गया है। इस स्कीम में Reid & Taylor International Private Limited का शामिल होना, कंपनी के डीमर्जर (demerger) या इंटीग्रेशन (integration) की ओर इशारा करता है।
कंपनी की पिछली कहानी
Digjam Limited टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़ी हुई है। Reid & Taylor International Private Limited के साथ यह अरेंजमेंट ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने या बिजनेस इंटरेस्ट को कंसोलिडेट करने की एक स्ट्रेटेजिक मूव मानी जा रही है। शेयरधारकों के इस मजबूत समर्थन से लगता है कि वे इस रीस्ट्रक्चरिंग में वैल्यू देख रहे हैं।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों की सहमति मिलने के बाद, Digjam Limited अब Hon'ble NCLT, चेन्नई बेंच से अंतिम मंजूरी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। यह रेगुलेटरी अप्रूवल स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को लागू करने और इसमें शामिल बदलावों को प्रभावी बनाने के लिए आखिरी महत्वपूर्ण कदम है।
किन जोखिमों पर रखें नज़र?
निवेशकों को NCLT अप्रूवल प्रोसेस की टाइमलाइन और नतीजे पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। ट्रिब्यूनल से किसी भी तरह की देरी या प्रतिकूल टिप्पणी स्कीम के लागू होने और कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर असर डाल सकती है।
प्रासंगिक आंकड़े (Context Metrics)
- मीटिंग की तारीख: 16 अगस्त 2026
- शेयरहोल्डर अप्रूवल: 99.94% (कुल), 98.99% (पब्लिक)
- क्रेडिटर अप्रूवल: RTIL के अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स (Unsecured Creditors) ने भी 16 अगस्त 2026 को स्कीम को मंजूरी दी थी।
आगे क्या ट्रैक करें?
NCLT, चेन्नई बेंच से स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी देने वाले फाइनल ऑर्डर पर नजर रखना सबसे अहम होगा। इसके लागू होने की टाइमलाइन पर आगे के अपडेट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
