Diamond Power Infrastructure ने Minimum Public Shareholding (MPS) के नियमों का उल्लंघन करने पर BSE और NSE को **₹3,30,400** का जुर्माना भरा है। कंपनी ने अब QIP के जरिए अपनी पब्लिक होल्डिंग को **25.97%** तक पहुंचाकर रेगुलेटरी मानकों को पूरा कर लिया है।
रेगुलेटरी अनुपालन और जुर्माना
Diamond Power Infrastructure Limited ने BSE और NSE को कुल ₹3,30,400 का जुर्माना भुगतान किया है। यह पेनल्टी 1 जुलाई 2026 से 28 जुलाई 2026 के बीच Minimum Public Shareholding (MPS) के नियमों का पालन न करने के कारण लगाई गई थी। दोनों एक्सचेंजों ने ₹1,65,200 प्रति एक्सचेंज के हिसाब से यह दंड तय किया था।
कैसे सुधरे हालात?
कंपनी ने 28 जुलाई 2026 को Qualified Institutions Placement (QIP) को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें संस्थागत खरीदारों को 7.11 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। इस कदम के बाद कंपनी की स्थिति में बड़े बदलाव आए हैं:
- प्रमोटर होल्डिंग: 84.02% से घटकर 74.03% हो गई।
- पब्लिक शेयरहोल्डिंग: 15.98% से बढ़कर 25.97% हो गई, जो SEBI की गाइडलाइन्स के अनुरूप है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
SEBI के रेगुलेशन 38 के तहत, किसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए 25% का पब्लिक फ्लोट बनाए रखना अनिवार्य है। कंपनी ने इस मुद्दे को तुरंत सुलझाकर न केवल पेनल्टी से राहत पाई है, बल्कि QIP के जरिए मिली नई पूंजी से बैलेंस शीट को भी मजबूती दी है। आने वाले समय में निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि क्या कंपनी अगले क्वार्टर्स में भी इस 25% के थ्रेशोल्ड को बरकरार रख पाती है या नहीं।
