DCM Shriram को ITAT से बड़ी राहत! ₹172.82 करोड़ के टैक्स पर फैसला बरकरार, ₹249.27 करोड़ की डिमांड होगी खत्म

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
DCM Shriram को ITAT से बड़ी राहत! ₹172.82 करोड़ के टैक्स पर फैसला बरकरार, ₹249.27 करोड़ की डिमांड होगी खत्म

DCM Shriram को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) से बड़ी राहत मिली है। ITAT ने कंपनी पर लगाए गए ₹178.24 करोड़ के टैक्स की अधिकांश मांग को रद्द कर दिया है, जिससे ₹249.27 करोड़ की टैक्स डिमांड खत्म हो जाएगी।

DCM Shriram को ITAT से बड़ी राहत

कुल टैक्स एडिशन (AO द्वारा): ₹178.24 करोड़
ITAT द्वारा दी गई कुल राहत: ₹172.82 करोड़

क्या हुआ?

DCM Shriram Ltd ने 3 जुलाई, 2026 को घोषणा की कि उन्हें इनकम-टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), नई दिल्ली से असेसमेंट ईयर 2022-23 के टैक्स लिटिगेशन के संबंध में एक ऑर्डर मिला है। ITAT ने असेसिंग ऑफिसर (AO) द्वारा लगाए गए टैक्स एडिशन को काफी हद तक कम कर दिया है।

क्यों यह अहम है?

ITAT ने कुल ₹178.24 करोड़ के टैक्स एडिशन में से ₹172.82 करोड़ की राहत दी है। सबसे खास बात यह है कि इस फैसले से पहले जारी की गई ₹249.27 करोड़ की टैक्स डिमांड खत्म हो जाएगी। सिर्फ ₹5.42 करोड़ की एक छोटी राशि को आगे की समीक्षा के लिए AO के पास वापस भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

₹249.27 करोड़ की यह टैक्स डिमांड मूल रूप से अक्टूबर 2025 में AO द्वारा उठाई गई थी और बाद में फरवरी 2026 में ITAT द्वारा रोक दी गई थी। अब कंपनी को इस डिमांड को औपचारिक रूप से रद्द कराने के लिए AO से संपर्क करना होगा।

अब क्या बदलेगा?

ITAT के फैसले के बाद, DCM Shriram ₹249.27 करोड़ की इस बड़ी टैक्स डिमांड को आधिकारिक तौर पर खत्म कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा। ट्रिब्यूनल ने AO को कम्प्यूटेशनल त्रुटियों को ठीक करने और मैट क्रेडिट को सेट-ऑफ करने की भी अनुमति दी है।

जोखिम पर नजर

एक अहम बात ₹5.42 करोड़ की वह राशि है जिसे AO के पास वापस भेज दिया गया है। AO की समीक्षा के आधार पर यह राशि भविष्य में टैक्स देनदारी बन सकती है।

सहकर्मी कंपनियों से तुलना

भारत में बड़ी कंपनियों के लिए टैक्स लिटिगेशन आम बात है। इस विवाद के एक बड़े हिस्से का सफल समाधान, लंबी टैक्स लड़ाई का सामना कर रही अन्य कंपनियों की तुलना में DCM Shriram के लिए एक सकारात्मक परिणाम है।

संदर्भ (समय-सीमा)

ITAT का ऑर्डर 3 जुलाई, 2026 को प्राप्त हुआ था, जो असेसमेंट ईयर 2022-23 से संबंधित है। मूल टैक्स डिमांड अक्टूबर 2025 में जारी की गई थी और फरवरी 2026 में रोकी गई थी।

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