Burnpur Cement: प्रमोटर स्टेटस पर बड़ा फैसला, सुचित्रा अग्रवाल अब होंगी 'Public' कैटेगरी में

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Burnpur Cement: प्रमोटर स्टेटस पर बड़ा फैसला, सुचित्रा अग्रवाल अब होंगी 'Public' कैटेगरी में

Burnpur Cement Ltd को NSE से बड़ी राहत मिली है। एक्सचेंज ने सुचित्रा अग्रवाल को 'प्रमोटर' से हटाकर 'पब्लिक' कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी दे दी है।

विवाद का हुआ समाधान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने Burnpur Cement Ltd की सुचित्रा अग्रवाल को प्रमोटर की श्रेणी से हटाकर पब्लिक कैटेगरी में शामिल करने के लिए 'नो ऑब्जेक्शन' सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें एक्सचेंज को मामले की दोबारा समीक्षा करने के लिए कहा गया था। दरअसल, कंपनी के बोर्ड ने पहले इस अनुरोध को खारिज कर दिया था, लेकिन NSE ने स्पष्ट किया है कि सुचित्रा अग्रवाल का अब कंपनी के मैनेजमेंट पर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है।

क्यों था मामला फंसा?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंपनी का मैनेजमेंट UV Asset Reconstruction Limited (UVARCL) के पास चला गया। कंपनी का तर्क था कि प्रमोटर का स्टेटस भविष्य में बहाल हो सकता है, लेकिन NSE ने इसे 'काल्पनिक' करार देते हुए खारिज कर दिया और इसे SEBI के नियमों के विपरीत माना।

फाइन का पेंच भी फंसा

इस मंजूरी के साथ ही NSE ने कंपनी को SEBI LODR के रेगुलेशन 31A(3)(a)(iii) के उल्लंघन का दोषी भी पाया है। कंपनी 5 दिन के अनिवार्य समय के भीतर आवेदन जमा नहीं कर पाई थी, जिसके लिए उस पर SOP के तहत जुर्माना लगाया गया है।

आगे क्या होगा?

निवेशकों को अब कंपनी की ओर से शेयरहोल्डिंग पैटर्न में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेटिव लेप्स और जुर्माने के भुगतान को लेकर कंपनी की तरफ से आने वाले डिस्क्लोजर्स पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.