Bondada Engineering Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू में **81%** और नेट प्रॉफिट में **82%** की जोरदार ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, यह नतीजे BSE की तरफ से पहले जमा की गई फाइनेंशियल रिपोर्ट्स में पाई गई गड़बड़ियों को ठीक करने के बाद आए हैं।
Bondada Engineering: दमदार नतीजों के साथ सामने आई बड़ी चूक!
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹2,842.81 करोड़ रहा, जो पिछले साल यानी FY25 के ₹1,570.96 करोड़ की तुलना में 81% ज्यादा है।
वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट की बात करें तो यह 82% बढ़कर ₹184.21 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा ₹101.25 करोड़ था।
क्यों हुए नतीजे पेश?
यह नतीजे BSE द्वारा 10 और 17 जून 2026 को कंपनी के पहले जमा किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में पाई गई विसंगतियों पर सवाल उठाने के बाद आए हैं। SEBI के नियमों के तहत, कंपनी को अपनी पिछली गलतियों को सुधारना पड़ा।
क्या है खास?
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ऑडिट किए गए नतीजे अब उपलब्ध हैं और ऑडिटर Sreedar Mohan & Associates ने इन आंकड़ों पर अपनी सहमति की मुहर लगाई है। कंपनी की 11 सब्सिडियरी हैं, जिनमें नई कंपनियां भी शामिल हैं, जो इसके ऑपरेशनल फुटप्रिंट को मजबूत करती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
हालांकि कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन निवेशकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी फाइलिंग संबंधी गलतियां दोबारा न हों। पिछली विसंगतियों के कारणों को समझना जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी इन विसंगतियों को कैसे संबोधित करती है और भविष्य में अपने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग को कैसे बेहतर बनाती है। EPC सेगमेंट, जिसने FY26 में ₹2,533.58 करोड़ का योगदान दिया, का प्रदर्शन भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
