Binny Ltd की ताजा एनुअल सेक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट में कई बड़ी खामियां सामने आई हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल रिजल्ट्स और शेयरहोल्डिंग पैटर्न फाइल करने में देरी की है। साथ ही, SEBI के नियमों के उल्लंघन के चलते कंपनी को **₹15 लाख** का जुर्माना भी भरना पड़ा है।
सामने आई गवर्नेंस की चुनौतियां
Binny Ltd की एनुअल सेक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (फाइनेंशियल ईयर 2026) ने निवेशकों के लिए कुछ अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी ने 3 तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स और शेयरहोल्डिंग पैटर्न को समय पर फाइल नहीं किया, जो कि SEBI के LODR रेगुलेशंस के तहत अनिवार्य है।
SEBI का डंडा और जुर्माना
रेगुलेटरी नियमों का पालन न करने पर SEBI ने कंपनी पर सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने 30 अक्टूबर, 2025 के एडजुडिकेशन ऑर्डर के बाद 10 दिसंबर, 2025 को ₹15 लाख का जुर्माना चुकाया है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली देरी का मुख्य कारण मद्रास हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर की देखरेख में हुआ बोर्ड का पुनर्गठन (Reconstitution) था। स्थिति को सुधारने के लिए, 31 दिसंबर, 2025 को हुई एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरधारकों ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स राजीव बख्शी और जमुना सुंदरम को हटाने की मंजूरी दे दी है।
सेटलमेंट और भविष्य की राह
अच्छी खबर यह है कि Mohan Breweries & Distilleries Limited के साथ हुआ सेटलमेंट एग्रीमेंट पूरी तरह लागू हो चुका है। सभी सेल डीड्स का रजिस्ट्रेशन हो गया है और संपत्तियों का हस्तांतरण पूरा हो चुका है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में अपनी कंप्लायंस टाइमलाइन को कितनी तेजी से सामान्य कर पाती है और गवर्नेंस में कितना सुधार लाती है।
