सरकारी कंपनी Balmer Lawrie & Company को BSE ने **₹14.19 लाख** का जुर्माना लगाया है। जून 2026 तिमाही में बोर्ड और कमिटी कंपोजिशन के नियमों का पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
जुर्माना और उल्लंघन की वजह
BSE लिमिटेड ने Balmer Lawrie & Company पर ₹14.19 लाख (GST सहित) का आर्थिक जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) के दौरान SEBI के 'लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स' (LODR) नियमों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है।
नियमों में कहां हुई चूक?
कंपनी बोर्ड में अनिवार्य इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स, एक महिला डायरेक्टर और एक इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्टर की नियुक्ति में विफल रही। साथ ही, बोर्ड में 50% नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स होने की अनिवार्यता को भी पूरा नहीं किया गया था। पब्लिक शेयरहोल्डर्स की निगरानी और बेहतर गवर्नेंस के लिए ये नियम बेहद जरूरी हैं।
मैनेजमेंट का रुख
कंपनी ने अपनी सफाई में कहा है कि वह पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के तहत एक सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज है। बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति के माध्यम से होती है। Balmer Lawrie का तर्क है कि ये नियुक्तियां उनके नियंत्रण से बाहर हैं, इसलिए उन्होंने BSE से जुर्माना माफ करने की औपचारिक अपील की है।
निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि जुर्माने की राशि बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन सरकारी कंपनियों में बोर्ड में खाली पदों की समस्या बार-बार सामने आ रही है। यदि एक्सचेंज जुर्माना माफ करने की अपील को ठुकराता है, तो इससे कंपनी की गवर्नेंस पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
