Atvo Enterprises ने मनीष कुमार जिंदल को नया CFO और विवेक अग्निहोत्री को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया है। कंपनी ने 2026 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स फाइल करने में देरी पर BSE को जुर्माना भी चुकाया है।
Atvo Enterprises में बड़े बदलाव
Atvo Enterprises लिमिटेड ने अपने फाइनेंस विभाग को मजबूत करते हुए दो अहम नियुक्तियां की हैं। कंपनी ने मिस्टर मनीष कुमार जिंदल को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और मिस्टर विवेक अग्निहोत्री को इंटरनल ऑडिटर बनाया है। यह नियुक्तियां 2 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगी।
कौन हैं नए चेहरे?
मिस्टर जिंदल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्हें फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, कॉस्ट कटिंग, टैक्स कंप्लायंस और इंटरनल कंट्रोल्स जैसे क्षेत्रों में 25 सालों का अनुभव है। वहीं, मिस्टर अग्निहोत्री पोस्ट-ग्रेजुएट हैं और उनके पास फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, इंटरनल ऑडिटिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट का अनुभव है। उन्हें वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
BSE का जुर्माना और देरी का कारण
कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि उन्हें BSE लिमिटेड से एक नोटिस मिला था, जिसमें 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए क्वार्टर और फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को समय पर फाइल न करने पर जुर्माना लगाया गया था। Atvo Enterprises ने पुष्टि की है कि उन्होंने यह जुर्माना चुका दिया है। मैनेजमेंट ने देरी का कारण 'अकाउंटिंग जानकारी मिलने में देरी' को बताया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ये नियुक्तियां कंपनी के फाइनेंशियल ओवरसाइट और कंप्लायंस को मजबूत करने के लिए काफी अहम हैं। उम्मीद है कि नए CFO और इंटरनल ऑडिटर अपनी विशेषज्ञता से रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं को बेहतर बनाएंगे। BSE के जुर्माने को चुकाना और देरी के कारणों को संबोधित करना, ऑपरेशनल मुद्दों को ठीक करने और रेगुलेटरी समय-सीमा का पालन करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आगे क्या?
निवेशकों को Atvo Enterprises की भविष्य की रेगुलेटरी फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए कि क्या वे समय पर जमा की जाती हैं। साथ ही, इंटरनल अकाउंटिंग प्रक्रियाओं और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की सटीकता में किसी भी सुधार पर भी नजर रखनी होगी।
