Apollo Ingredients की दमदार कमाई! ₹5.03 Cr इनकम, ₹0.71 Cr मुनाफा, पर EPS में गिरावट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Apollo Ingredients की दमदार कमाई! ₹5.03 Cr इनकम, ₹0.71 Cr मुनाफा, पर EPS में गिरावट
Overview

Apollo Ingredients ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल इनकम ₹5.03 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.71 करोड़ रहा। राइट्स इश्यू से कैपिटल बेस मजबूत हुआ, लेकिन शेयर्स बढ़ने से EPS घट गया।

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Apollo Ingredients का कमाल: FY26 में ₹5.03 करोड़ की इनकम और ₹0.71 करोड़ का मुनाफा

Apollo Ingredients Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी की कुल इनकम में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले साल ₹3.08 करोड़ की तुलना में इस साल कंपनी ने ₹5.03 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹0.10 करोड़ से बढ़कर ₹0.71 करोड़ हो गया है। कंपनी ने सफलतापूर्वक राइट्स इश्यू भी पूरा कर लिया है, जिससे इसका कैपिटल बेस और मजबूत हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

ऑपरेशनल ग्रोथ के लिहाज से यह नतीजे कंपनी के लिए सकारात्मक हैं। राइट्स इश्यू के जरिए जुटाई गई पूंजी कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करती है और भविष्य में विस्तार योजनाओं में मदद कर सकती है। हालांकि, शेयरधारकों के लिए एक चिंता की बात यह है कि राइट्स इश्यू के बाद शेयर्स की संख्या बढ़ने के कारण बेसिक ईपीएस (EPS) ₹2.44 से घटकर ₹0.68 रह गया है।

कंपनी का बैकग्राउंड

आपको बता दें कि Apollo Ingredients Ltd. (पहले Indsoya Limited) अपनी स्ट्रैटेजी में बड़े बदलाव कर रही है। कंपनी अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2024-25) में कंपनी की कुल इनकम ₹3.08 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.10 करोड़ था।

आगे क्या?

कंपनी अब नए बिजनेस एरिया में कदम रखने की तैयारी में है। इसमें एग्रीकल्चर, बागवानी और खाद्य सामग्री की खेती, प्रोसेसिंग और ट्रेडिंग शामिल है। साथ ही, कंपनी हेल्थकेयर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बनने का भी लक्ष्य रखती है, जिसमें हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशंस और डायग्नोस्टिक सेंटर्स शामिल होंगे। यह कंपनी की स्ट्रैटेजी में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

जोखिमों पर भी डालें नजर

निवेशकों को कुछ कंप्लायंस और ऑपरेशनल मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी को बीएसई (BSE) से कंप्लायंस मुद्दों के लिए जुर्माना भरना पड़ा था और उसने एसएटी (SAT) में अपनी अपील वापस ले ली थी, जिसके लिए ₹2.06 लाख का भुगतान किया गया। ऑडिटर ने FY26 के लिए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर ऑडिट ट्रेल की अनुपस्थिति को भी नोट किया है। इसके अलावा, 31 मार्च 2026 तक कंपनी में केवल 2 स्थायी कर्मचारी थे, जो एग्जीक्यूशन क्षमता पर सवाल खड़े करते हैं।

आगे क्या ट्रैक करें?

शेयरधारकों को कंपनी के नाम परिवर्तन की बीएसई (BSE) पोर्टल पर अपडेट और अकाउंटिंग ऑडिट ट्रेल कंप्लायंस को ठीक करने की दिशा में प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। 29 जून 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) कंपनी की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रेटेजी और कंप्लायंस गैप को दूर करने के प्रबंधन के प्लान को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.