Antariksh Industries: शेयरधारकों के लिए मौका! ₹86 प्रति शेयर पर ओपन ऑफर, मैनेजमेंट कंट्रोल में बड़ा बदलाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Antariksh Industries: शेयरधारकों के लिए मौका! ₹86 प्रति शेयर पर ओपन ऑफर, मैनेजमेंट कंट्रोल में बड़ा बदलाव

Antariksh Industries ने **6,31,785** शेयर ₹86 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने के लिए ओपन ऑफर (Open Offer) जारी किया है। यह ओपन ऑफर **₹5.43 करोड़** का है। यह कदम कंपनी के मैनेजमेंट कंट्रोल में बदलाव के बाद उठाया गया है, जिसमें श्री अल्पीतकुमार प्रवीणचंद्र गोर और रिद्धि इन्फोकॉम सॉल्यूशंस एलएलपी ने नियंत्रण संभाला है।

ओपन ऑफर क्यों?

Antariksh Industries लिमिटेड ने 26% हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर का ऐलान किया है। कंपनी 6,31,785 शेयर ₹86 प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी, जिसकी कुल कीमत ₹5.43 करोड़ होगी। यह ऑफर श्री अल्पीतकुमार प्रवीणचंद्र गोर और रिद्धि इन्फोकॉम सॉल्यूशंस एलएलपी द्वारा मैनेजमेंट कंट्रोल हासिल करने के बाद आया है।

शेयरधारकों के लिए क्या है खास?

यह ओपन ऑफर मौजूदा शेयरधारकों को ₹86 प्रति शेयर के तय भाव पर अपनी हिस्सेदारी बेचने का एक अच्छा मौका दे रहा है। यह Antariksh Industries के प्रमोटर ग्रुप में एक बड़े बदलाव का संकेत है। नए प्रमोटर, श्री अल्पीतकुमार प्रवीणचंद्र गोर और रिद्धि इन्फोकॉम सॉल्यूशंस एलएलपी, अब कंपनी की कमान संभालेंगे। खास बात यह है कि नए प्रमोटरों ने कंपनी को BSE से डीलिस्ट (Delist) करने का कोई इरादा नहीं जताया है।

जानिए पूरी कहानी

यह ओपन ऑफर शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement - SPA) और प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) जैसी कई डील्स का नतीजा है। SPA के तहत 1,50,599 शेयर (उभरती हुई वोटिंग कैपिटल का 6.20%) ₹1.30 करोड़ में खरीदे गए थे। इसके बाद, प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए 14,13,550 शेयर (उभरती हुई वोटिंग कैपिटल का 58.17%) ₹12.16 करोड़ में आवंटित किए गए, जिसने कंट्रोल ट्रांसफर को अंतिम रूप दिया।

अब क्या बदलेगा?

मुख्य बदलाव मैनेजमेंट कंट्रोल का नए प्रमोटर ग्रुप के हाथों में जाना है। जो शेयरधारक कंपनी से बाहर निकलना चाहते हैं, वे ₹86 प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। कंपनी BSE पर लिस्टेड बनी रहेगी।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को 3 जुलाई, 2026 तक आने वाले डिटेल्ड पब्लिक स्टेटमेंट (DPS) पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। SPA और प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल में कोई भी देरी या समस्या सौदे को प्रभावित कर सकती है। नए मैनेजमेंट द्वारा भविष्य में लिए जाने वाले रणनीतिक फैसले भी कंपनी की दिशा तय करेंगे।

आगे क्या करें?

डिटेल्ड पब्लिक स्टेटमेंट (DPS) का इंतजार करें। प्रेफरेंशियल इश्यू और SPA से जुड़ी आगे की जानकारी, साथ ही नए मैनेजमेंट की तरफ से किसी भी नई रणनीति की घोषणा पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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