Akums Drugs की सब्सिडियरीज़ पर ₹25 करोड़ से ज़्यादा का टैक्स डिमांड
Akums Drugs and Pharmaceuticals Limited ने हाल ही में जानकारी दी है कि उसकी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनियों को इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर मिले हैं। इन सभी सब्सिडियरीज़ पर कुल मिलाकर करीब ₹25.31 करोड़ का टैक्स बकाया निकाला गया है।
टैक्स डिमांड का विवरण
इनकम टैक्स विभाग ने चार सब्सिडियरीज़ को ये असेसमेंट ऑर्डर जारी किए हैं: Maxcure Nutravedics Limited (MNL), Pure and Cure Healthcare Private Limited (PCHPL), Malik Lifesciences Private Limited (MLPL), और Nicholas Healthcare Limited (NHL)। ये ऑर्डर 1 अप्रैल 2018 से 12 मार्च 2025 तक की अवधि के लिए हैं।
सब्सिडियरीज़ के अनुसार, इन टैक्स डिमांड की रकम इस प्रकार है:
- Maxcure Nutravedics Limited: ₹15.24 करोड़
- Pure and Cure Healthcare Private Limited: ₹5.77 करोड़
- Malik Lifesciences Private Limited: ₹0.80 करोड़
- Nicholas Healthcare Limited: ₹0.45 करोड़
ये डिमांड मुख्य रूप से इनकम टैक्स एक्ट की धारा 37(1) के तहत विभिन्न खर्चों की अनुमति न देने (disallowance of expenditures) के कारण जारी की गई हैं।
कंपनी का पक्ष और आगे की रणनीति
इतनी बड़ी कुल डिमांड के बावजूद, Akums का मानना है कि इन ऑर्डर्स का कंपनी के फाइनेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा है कि ये टैक्स डिमांड कानूनी तौर पर सही नहीं हैं और तथ्यों के आधार पर इनका बचाव किया जा सकता है। इसलिए, ये सब्सिडियरीज़ इन असेसमेंट ऑर्डर्स के खिलाफ अपील करने की प्रक्रिया शुरू करेंगी।
संभावित जोखिम
Akums के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अपील की प्रक्रिया के दौरान इनमें से कुछ या सभी टैक्स डिमांड को बरकरार रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो सब्सिडियरीज़ पर वित्तीय दबाव पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी का मैनेजमेंट अपनी अपील के लिए कानूनी और तथ्यात्मक तर्कों को लेकर आश्वस्त दिख रहा है।
टैक्स असेसमेंट का संदर्भ
भारत में कंपनियों के लिए इनकम टैक्स असेसमेंट और उसके बाद की अपीलें रेग्युलेटरी कंप्लायंस का एक सामान्य हिस्सा हैं। ये ऑर्डर एक निश्चित अवधि के वित्तीय लेनदेन की समीक्षा से संबंधित हैं। टैक्स ऑडिट के दौरान खर्चों की अनुमति न देना (disallowance of expenditures) एक आम बिंदु होता है जिस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
