Advik Laboratories: डूबत कंपनी! ₹1.02 करोड़ का घाटा, ज़ीरो रेवेन्यू; ट्रेडिंग बंद

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AuthorAditya Rao|Published at:
Advik Laboratories: डूबत कंपनी! ₹1.02 करोड़ का घाटा, ज़ीरो रेवेन्यू; ट्रेडिंग बंद
Overview

Advik Laboratories ने FY26 के लिए **₹1.02 करोड़** का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Operating Revenue) शून्य रहा। ऑडिटर ने निवेशों पर सवाल उठाए हैं और लिस्टिंग फीस न भरने के कारण ट्रेडिंग पर रोक लगा दी गई है।

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Advik Laboratories का नुकसान बढ़ा, शून्य रेवेन्यू

Advik Laboratories Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1.02 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) घोषित किया है। पिछले साल यह घाटा ₹0.90 करोड़ था। चिंता की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Operating Revenue) FY26 में शून्य रहा।

क्यों चिंताजनक हैं ये नतीजे?

ऑपरेटिंग रेवेन्यू में ज़ीरो बढ़ोतरी और बढ़ते घाटे के बीच, कंपनी के ऑडिटर ने ₹0.54 करोड़ के निवेशों को वेरिफाई न कर पाने पर सवाल खड़े किए हैं। यह स्थिति कंपनी के गवर्नेंस पर गंभीर सवाल उठाती है। इसके अलावा, BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) ने लिस्टिंग फीस का भुगतान न करने के कारण Advik Laboratories के शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।

पुरानी समस्याएं बनीं सिरदर्द

Advik Laboratories लंबे समय से अपनी वित्तीय सेहत और संचालन को लेकर जूझ रही है। ऑडिटर द्वारा निवेशों पर सवाल उठाना कोई नई बात नहीं है, यह समस्या FY 2017-18 से चली आ रही है, जिसका कारण शेयर सर्टिफिकेट का खो जाना बताया गया है। इसी तरह, कंपनी FY 2021-22 से BSE को एनुअल लिस्टिंग फीस का भुगतान नहीं कर पाई है, जिसके कारण यह ट्रेडिंग प्रतिबंध झेल रही है।

आगे क्या?

फिलहाल, Advik Laboratories के शेयरों में ट्रेडिंग या तो सस्पेंड है या 'Trade-for-Trade' सेटलमेंट पर सीमित है। कंपनी का मैनेजमेंट बिजनेस ऑपरेशंस को फिर से शुरू करने के अवसर तलाश रहा है और ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने के लिए डुप्लीकेट शेयर सर्टिफिकेट प्राप्त करने पर काम कर रहा है। इन मुद्दों का समाधान कंपनी के रिवाइवल और ट्रेडिंग की सामान्य बहाली के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य जोखिम

कंपनी के लिए सबसे बड़े जोखिमों में ऑडिटर की क्वालिफिकेशन को दूर करने में विफलता, बकाया लिस्टिंग फीस का भुगतान न कर पाना, और रेवेन्यू जेनरेट करने का कोई स्पष्ट रास्ता न होना शामिल है। अगर कंपनी की संपत्ति पुरानी या अनुपयोगी हो जाती है, तो यह भी एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।

ऑडिटर की आपत्तियां

ऑडिटर ₹0.54 करोड़ के निवेशों को सत्यापित नहीं कर सका क्योंकि शेयर सर्टिफिकेट खो गए थे। यह समस्या FY 2017-18 से जारी है। इसके अतिरिक्त, ₹2.41 करोड़ का कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (Capital Work-in-Progress) रुका हुआ है, हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि ये संपत्तियां अनुपयोगी नहीं हुई हैं।

ऑपरेशनल और रेगुलेटरी स्थिति

BSE पर लिस्टिंग फीस का भुगतान न करने के कारण Advik Laboratories के शेयरों का ट्रेडिंग सस्पेंड/Trade-for-Trade है। मैनेजमेंट भी स्वीकार करता है कि कंपनी के पास लंबे समय से कोई इनकम नहीं है और वह बिजनेस को फिर से शुरू करने के लिए मार्केट के अवसरों की तलाश कर रहा है।

हालिया आंकड़े

FY 2026 में, Advik Laboratories का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹0.00 करोड़, नेट लॉस ₹1.02 करोड़, और कुल इनकम ₹0.04 करोड़ रही। कुल खर्चे ₹1.09 करोड़ थे। FY 2025 में, नेट लॉस ₹0.90 करोड़ था और कुल इनकम ₹0.05 करोड़ थी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.