Zodiac Energy ने Q1 FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बढ़कर **₹7.02 करोड़** हो गया है। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनल डिविडेंड (Dividend) को मंजूरी दी है और चार सोलर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ाई है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी के विस्तार का संकेत है।
Zodiac Energy का दमदार प्रदर्शन जारी, Q1 FY27 में मुनाफा दोगुना से ज्यादा
Zodiac Energy Ltd ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून, 2026 को समाप्त) के लिए अपने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में पिछले साल की इसी अवधि के ₹98.05 करोड़ की तुलना में ₹141.81 करोड़ की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ही, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी दोगुना से अधिक होकर ₹7.02 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही में ₹2.69 करोड़ था। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹1.78 से बढ़कर ₹4.59 हो गया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नतीजे?
ये नतीजे कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और रिन्यूएबल एनर्जी, खासकर सोलर पावर सेक्टर में रेवेन्यू जनरेशन क्षमता को दर्शाते हैं। मुनाफे और EPS में यह बढ़ोतरी शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो बताता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल सफलतापूर्वक स्केल कर रहा है। इसके अतिरिक्त, नए सोलर प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाना और अधिग्रहण करना, कंपनी की ग्रोथ और मार्केट कंसॉलिडेशन (Market Consolidation) की स्पष्ट रणनीति को दिखाता है।
जानिए क्या हुए बड़े फैसले?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ₹0.75 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) को मंजूरी दे दी है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 16 सितंबर, 2026 तय की गई है। कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 23 सितंबर, 2026 को होगी।
इसके साथ ही, कंपनी ने रणनीतिक रूप से अपने सोलर प्रोजेक्ट्स में मालिकाना हक बढ़ाया है। 13 अगस्त, 2026 से प्रभावी, Zodiac Energy ने उमापुत्रा (Umaputra) और कृपालु (Kripalu) सोलर प्रोजेक्ट्स में 98% की हिस्सेदारी हासिल की है। साथ ही, गोविंद (Govind) और हरिकृष्णा (Harikrishna) सोलर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी 15% से बढ़ाकर 98% कर ली है, जिससे इन वेंचर्स पर कंपनी का नियंत्रण काफी मजबूत हुआ है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब इन नए और विस्तारित सोलर प्रोजेक्ट्स के सफल इंटीग्रेशन (Integration) और उनके भविष्य के मुनाफे में योगदान पर नजर रखनी चाहिए। कॉम्पिटिटिव रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में कंपनी की ग्रोथ की गति बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
