Zodiac Energy ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **33.30%** बढ़कर **₹543.52 करोड़** हो गया है, साथ ही बोर्ड ने प्रति शेयर **₹0.75** का डिविडेंड देने की घोषणा की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के नतीजों में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। Zodiac Energy का EBITDA 48.93% के उछाल के साथ ₹57.98 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 5.51% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कुल ₹21.07 करोड़ रहा। प्रॉफिट के आंकड़ों पर दबाव की मुख्य वजह इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के कारण बढ़ी डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट रही है।
बदलाव की रणनीति: EPC से IPP की ओर
Zodiac Energy अब सिर्फ एक सोलर EPC कॉन्ट्रैक्टर नहीं रहना चाहती। कंपनी का पूरा जोर अब इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लेयर बनने पर है। अपनी सहायक कंपनी Zenwatt Clean Energy के जरिए कंपनी अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के उभरते मार्केट में प्रवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य FY29 तक अपनी IPP क्षमता को 400 MW तक ले जाने का है।
बड़े प्रोजेक्ट्स और भविष्य की राह
कंपनी ने हाल ही में अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए 38 MWp का सोलर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चालू किया है। फिलहाल कंपनी की ऑपरेशनल IPP क्षमता 320 MW है और जल्द ही इसमें 60 MW और जुड़ने की उम्मीद है।
रिस्क और निवेशकों के लिए अहम जानकारी
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज और उसे चुकाने की लागत पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि IPP प्रोजेक्ट्स में काफी कैपिटल लगता है। इसके अलावा, कंपनी ने SEBI के डिस्क्लोजर नियमों में हुई मामूली देरी को स्वीकार किया है, जिसके चलते भविष्य में रेगुलेटरी अनुपालन (Compliance) पर निवेशकों की नजर रहेगी। कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग 23 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जिसमें भविष्य की दिशा और स्पष्ट होगी।
