Websol Energy System ने शानदार प्रदर्शन करते हुए FY26 में अपने नेट प्रॉफिट को लगभग दोगुना कर दिया है। कंपनी का मुनाफा **₹303 करोड़** पर पहुंच गया है और साथ ही निवेशकों के लिए **₹0.25** प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की गई है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
Websol Energy System ने FY26 के अपने इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट में धमाकेदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹154.74 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹303 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की कुल आय भी उछलकर ₹1,059.31 करोड़ दर्ज की गई है। इस परफॉर्मेंस के दम पर बोर्ड ने ₹0.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड प्रपोज किया है, जिस पर 22 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में मुहर लगेगी।
मजबूती का आधार
कंपनी की सफलता के पीछे उसका मजबूत ऑर्डर बुक है, जो फिलहाल ₹1,161 करोड़ पर खड़ा है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने अपने कर्ज के बोझ को काफी कम किया है; डेट-इक्विटी रेशियो 0.55x से गिरकर 0.19x पर आ गया है। कंपनी की Falta SEZ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट ने साल भर 85% कैपेसिटी पर काम किया, जबकि Q4 में यह आंकड़ा 92% तक पहुंच गया था।
भविष्य की रणनीति और तकनीक
Websol अब हाई-मार्जिन वाली TOPCon टेक्नोलॉजी की ओर शिफ्ट हो रही है। कंपनी अपनी 600 MW की मौजूदा Mono PERC कैपेसिटी को इस नई तकनीक में बदलने की तैयारी में है। मैनेजमेंट का लक्ष्य 2028 तक सोलर सेल कैपेसिटी को 5,350 MW और मॉड्यूल कैपेसिटी को 4,550 MW तक पहुंचाने का है। कंपनी का फोकस इक्विटी डाइल्यूशन से बचते हुए इंटरनल एक्रूअल्स (internal accruals) के जरिए विस्तार करने पर है।
गवर्नेंस में बदलाव
बोर्ड ने गवर्नेंस को मजबूत करते हुए श्री संजय कुमार को नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और श्री दिनेश अग्रवाल को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है।
