Waaree Energies ने वित्त वर्ष 2026 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **101.45%** बढ़कर **₹3,884.15 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **83.72%** का शानदार उछाल देखा गया है।
मुनाफे की रफ्तार और डिविडेंड
Waaree Energies ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 101.45% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹26,536.77 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA 117.10% उछलकर ₹5,908.64 करोड़ हो गया है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने ₹4 प्रति शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
Waaree 2.0 का विजन
कंपनी अब सिर्फ सोलर मॉड्यूल तक सीमित नहीं है, बल्कि 'Waaree 2.0' रणनीति के तहत एक इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लेयर बनने की ओर कदम बढ़ा रही है। कंपनी 29 GW मॉड्यूल और 15.4 GW सेल क्षमता के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों में बड़ी योजनाएं बना रही है। कंपनी के पास फिलहाल ₹61,500 करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर बुक है।
बड़े निवेश और अधिग्रहण
कंपनी ने भविष्य के लिए ₹30,000 करोड़ से अधिक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान किया है। इसके लिए कंपनी ने Associated Power Structures में 55%, Kotsons Private Limited में 64% और Racemosa Energy में 76% हिस्सेदारी खरीदी है। इसके अलावा, अमेरिका के एरिज़ोना और ओमान में भी कंपनी विस्तार कर रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
नतीजों के बीच अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की जांच एक बड़ा रिस्क है। कंपनी ने इसके चलते ₹294.78 करोड़ का प्रोविजन किया है। साथ ही, नागपुर में 10 GW के इनगट-वेफर प्लांट के लिए तेजी से काम पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹7,000–7,700 करोड़ के ऑपरेटिंग EBITDA का गाइडेंस दिया है, जो भविष्य के प्रति भरोसा दिखाता है।
