Waaree Energies अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए भारत में बड़ा फेरबदल कर रही है। कंपनी अपने Tumb और Nandigram प्लांट को Chikhli यूनिट में शिफ्ट करेगी, साथ ही अमेरिका में क्षमता बढ़ाने के लिए **$37 मिलियन** का बड़ा निवेश करेगी।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग का पुनर्गठन
Waaree Energies ने अपने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बेस को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। कंपनी अपने Tumb (1.0 GW) और Nandigram (1.11 GW) की मशीनों को गुजरात स्थित Chikhli फैसिलिटी में शिफ्ट करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को 31 दिसंबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि जिन यूनिट्स को कंसोलिडेट किया जा रहा है, उन्होंने पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी के स्टैंडअलोन टर्नओवर का 14% हिस्सा दिया था।
अमेरिका पर कंपनी का बड़ा दांव
भारत के अलावा कंपनी का फोकस इंटरनेशनल मार्केट पर भी है। इसकी सब्सिडियरी, Waaree Solar Americas Inc. अपने एरिज़ोना (Arizona) प्लांट की क्षमता को 1.0 GW से बढ़ाकर 1.6 GW करने जा रही है। इसके लिए कंपनी $37 मिलियन का कैपिटल एक्सपेंडिचर करेगी। कंपनी का लक्ष्य 2026 तक अमेरिका में कुल 4.8 GW की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता हासिल करना है।
बोर्ड और कॉर्पोरेट बदलाव
कंपनी ने गवर्नेंस में भी बड़े बदलाव किए हैं। Ms. Mona Bhide को 30 अगस्त, 2026 से पांच साल के लिए एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, ऑडिट कमिटी में भी फेरबदल हुआ है और Mr. Rajender Mohan Malla को नया चेयरमैन बनाया गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी तारीखें
कंपनी अपनी 36वीं AGM (Annual General Meeting) 24 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 सितंबर, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है।
